बेमेतरा: नवागढ़ के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर नोटिस जारी

बेमेतरा जिले की नवागढ़ परियोजना के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में बच्चों की अनुपस्थिति और पूरक पोषण आहार वितरण में अनियमितताएं सामने आईं। संबंधित कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को तीन कार्यदिवस के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मानदेय रोकने और सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जा सकती है।

Oct 11, 2026 - 12:56
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बेमेतरा: नवागढ़ के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर नोटिस जारी

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और बच्चों को मिलने वाली पोषण सुविधाओं की निगरानी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में एकीकृत बाल विकास परियोजना नवागढ़ के अंतर्गत पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति और पूरक पोषण आहार वितरण में अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना, बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराना तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेना था। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने नवागढ़ परियोजना के अंतर्गत पड़कीडीह, अंधियारखोर, खपरी, मानपुर और समेसर आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण में बच्चों की अनुपस्थिति और भोजन वितरण में अनियमितता

निरीक्षण के दौरान अंधियारखोर-01, खपरी, समेसर और मानपुर आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्धारित निरीक्षण समय पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं पाया गया। इसके साथ ही बच्चों को दिए जाने वाले दैनिक नाश्ते और गर्म भोजन यानी पूरक पोषण आहार का वितरण नहीं होने की बात भी सामने आई। निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन तैयार नहीं किए जाने और केंद्रों में बच्चों की अनुपस्थिति को विभागीय निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही के रूप में लिया गया है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराना उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूरक पोषण के साथ प्रारंभिक शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। ऐसे में केंद्रों का निर्धारित समय पर संचालन और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना संबंधित कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की जिम्मेदारी है।

तीन कार्यदिवस में देना होगा जवाब

निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन कार्यदिवस के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत मानदेय रोकने और सेवा समाप्ति की अनुशंसा किए जाने की चेतावनी दी गई है।

नियमित निगरानी के निर्देश

विभाग ने परियोजना अधिकारी और संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षकों को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें बच्चों की उपस्थिति, नाश्ता एवं गर्म भोजन वितरण तथा केंद्रों के निर्धारित समय पर संचालन की सतत निगरानी करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।