कुटकीपारा में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापित, संघर्ष और स्वाभिमान की प्रेरणा गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर

ग्राम कुटकीपारा में मंडला गढ़ की वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलश यात्रा के साथ गांव भ्रमण किया गया और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में राजा खड्ग राज सिंह ने रानी दुर्गावती के साहस, स्वाभिमान और संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत बताते हुए इसे गांव-गांव तक उनके गौरवशाली इतिहास को पहुंचाने की शुरुआत बताया।

Oct 6, 2026 - 12:17
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कुटकीपारा में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापित, संघर्ष और स्वाभिमान की प्रेरणा गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l ग्राम कुटकीपारा में मंडला गढ़ की वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतिमा स्थापना को लेकर ग्रामीणों और समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में शामिल होकर वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक वातावरण और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई। कलश यात्रा के दौरान गांव का भ्रमण किया गया और जगह-जगह ग्रामीणों से भेंट-मुलाकात हुई। ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ यात्रा का स्वागत किया। आयोजन में शामिल लोगों ने रानी दुर्गावती के जीवन, उनके साहस और संघर्ष को याद किया। प्रतिमा स्थापना के माध्यम से उनके इतिहास और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजा खड्ग राज सिंह ने कहा कि ग्राम कुटकीपारा में रानी दुर्गावती की प्रतिमा की स्थापना सभी के लिए हर्ष, गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा देता है। उनका व्यक्तित्व और इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने साहस और स्वाभिमान के साथ जिस तरह चुनौतियों का सामना किया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।

राजा खड्ग राज सिंह ने कहा कि कुटकीपारा में किया गया यह प्रयास केवल प्रतिमा स्थापना तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके माध्यम से रानी दुर्गावती की सोच, उनके संघर्ष और आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी है, ताकि समाज के युवा अपने गौरवशाली अतीत को जान सकें और उससे प्रेरणा ले सकें।

उन्होंने कहा कि कुटकीपारा से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में आगे बढ़े, इसके लिए समाज के साथ मिलकर निरंतर प्रयास किए जाएंगे। रानी दुर्गावती के जीवन से जुड़े मूल्यों, साहस और स्वाभिमान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामाजिक स्तर पर गतिविधियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में राजा खड्ग राज सिंह ने ग्राम कुटकीपारा के सभी ग्रामवासियों द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और आत्मीयता के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों और समाज के लोगों को शुभकामनाएं दीं। प्रतिमा स्थापना के इस आयोजन को क्षेत्र में रानी दुर्गावती के गौरवशाली इतिहास और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।