बालोद की बेटी सौम्या साहू को पुरी में मिला ‘संगीत रत्नाकर’ सम्मान, गिटार वादन से बढ़ाया जिले का गौरव

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम सोहपुर की प्रतिभाशाली गिटार वादक सौम्या साहू को ओडिशा के पुरी में ‘संगीत रत्नाकर सर्वश्रेष्ठ सम्मान’ से सम्मानित किया गया। पारिणी और प्रेम शंकर साहू की बेटी सौम्या ने गिटार वादन के माध्यम से अपनी प्रतिभा और संगीत के प्रति समर्पण की पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धि से परिवार, गांव और बालोद जिले में खुशी का माहौल है।

Oct 25, 2026 - 08:34
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बालोद की बेटी सौम्या साहू को पुरी में मिला ‘संगीत रत्नाकर’ सम्मान, गिटार वादन से बढ़ाया जिले का गौरव

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l हुनर, मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर ग्राम सोहपुर की बेटी सौम्या साहू ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की इस प्रतिभाशाली गिटार वादक को ओडिशा की सांस्कृतिक नगरी पुरी में ‘संगीत रत्नाकर सर्वश्रेष्ठ सम्मान’ से नवाजा गया है। इस उपलब्धि से सौम्या के परिवार, गांव और जिले का गौरव बढ़ा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लगन और साधना के साथ छोटे गांवों से भी प्रतिभाएं बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

गिटार वादन के जरिए संगीत की साधना

सौम्या साहू ग्राम सोहपुर निवासी पारिणी और प्रेम शंकर साहू की बेटी हैं। उन्होंने गिटार वादन को अपनी कला और पहचान बनाया है। निरंतर अभ्यास और संगीत के प्रति समर्पण के माध्यम से उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा है। पश्चिमी वाद्य यंत्र गिटार के माध्यम से भारतीय संगीत की मधुरता और आधुनिक धुनों का संगम प्रस्तुत करना उनकी कला की विशेषता बताई गई है।

गिटार वादन में उनके योगदान, संगीत साधना और भारतीय संगीत को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की प्रतिभा के लिए उन्हें पुरी में यह सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनकी मेहनत और संगीत के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

छोटे गांव से बड़े मंच तक का सफर

सौम्या की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर तक सीमित नहीं होती। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी उचित अवसर, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। ग्राम सोहपुर से निकलकर पुरी में सम्मान हासिल करना उनके संगीत सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उनकी सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है, जो संगीत, कला और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। सौम्या की उपलब्धि बताती है कि अपने हुनर को निखारने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने से नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

बालोद जिले के लिए गौरव का क्षण

गिटार के सुरों से अपनी पहचान बनाने वाली सौम्या साहू को मिले सम्मान से बालोद जिले का नाम रोशन हुआ है। उनकी संगीत साधना और आधुनिक वाद्य यंत्र के माध्यम से भारतीय संगीत प्रस्तुत करने की कला उन्हें विशिष्ट पहचान दिला रही है। यह सम्मान उनके लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा बनने के साथ उनकी कला को और व्यापक मंचों तक पहुंचाने का अवसर भी बन सकता है।

सौम्या की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि मेहनत, लगन और प्रतिभा के मेल से सपनों को नई दिशा दी जा सकती है। ग्राम सोहपुर की इस बेटी की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है और जिले के लिए गर्व का विषय है।