ITBP के 65वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने हिमवीरों को दी बधाई, साहस और निस्वार्थ सेवा को बताया देश की प्रेरणा

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 65वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल के जवानों को बधाई दी। उन्होंने हिमवीरों के अदम्य साहस, असाधारण दृढ़ संकल्प, निस्वार्थ सेवा और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। ITBP भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के साथ आंतरिक सुरक्षा अभियानों, पर्वतीय बचाव कार्यों और आपदा राहत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Oct 24, 2026 - 13:33
 0  2
ITBP के 65वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने हिमवीरों को दी बधाई, साहस और निस्वार्थ सेवा को बताया देश की प्रेरणा

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 65वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल के जवानों को बधाई देते हुए उनके साहस, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ सेवा की सराहना की। प्रधानमंत्री ने हिमवीरों के बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा कि ITBP के जवानों ने अपनी असाधारण बहादुरी से अलग पहचान बनाई है और हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में ITBP के सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिमवीरों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत हैं। दुर्गम परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों का समर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

1962 में हुआ था ITBP का गठन

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का गठन 24 अक्टूबर 1962 को किया गया था। यह बल भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ITBP लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी करती है, जो लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक फैली हुई है। सीमा सुरक्षा के साथ-साथ यह बल आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी योगदान देता है। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में भी ITBP के जवानों की भूमिका बताई गई है।

कठिन परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा

ITBP की कई सीमा चौकियां समुद्र तल से 9,000 से 18,800 फीट तक की ऊंचाई पर स्थित हैं। इन इलाकों में मौसम बेहद कठिन रहता है और सर्दियों में तापमान माइनस 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सीमा पर तैनात रहना विशेष प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता की मांग करता है। ITBP के जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी सतर्क रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देते हैं।

पर्वतारोहण और आपदा राहत में भी योगदान

ITBP के जवानों को पर्वतारोहण, स्कीइंग और सामरिक युद्ध का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा बल हिमालयी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए भी तैयार रहता है। प्राकृतिक आपदाओं, दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों और कठिन परिस्थितियों में राहत पहुंचाने के दौरान बल के प्रशिक्षित जवान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हिमवीरों के समर्पण को किया नमन

ITBP का स्थापना दिवस देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे जवानों के योगदान को याद करने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश बल के जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना के प्रति सम्मान को दर्शाता है। देश की सुरक्षा के साथ आपदा राहत और आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले हिमवीरों की भूमिका राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।