सुरही नदी उफान पर, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

साजा क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण सुरही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से निचले गांवों, खेतों और एनीकट-पुलों के आसपास पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है।

Sep 27, 2026 - 08:30
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सुरही नदी उफान पर, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l साजा क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण सुरही नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। कई स्थानों पर खेतों और एनीकट-पुलों के ऊपर या आसपास पानी का दबाव बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच बाढ़ जैसे हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण नदी और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर पर प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।

सुरही नदी गंडई अंचल की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसे क्षेत्र की सदानीरा एवं जीवनदायिनी नदी के रूप में जाना जाता है। स्थानीय स्तर पर इस नदी का महत्व खेती और ग्रामीण जीवन से भी जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान भी नदी में प्रवाह बने रहने के कारण आसपास के लोगों के लिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का स्वरूप और प्रवाह दोनों तेज हो जाते हैं।

जानकारी के अनुसार सुरही नदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में मैकल पर्वत श्रेणी की भड़भड़ी पहाड़ी क्षेत्र, गंडई और सुतियापाट के आसपास से माना जाता है। इसके बाद नदी गंडई, साजा और बेरला क्षेत्र से होकर आगे बढ़ती है। लगभग 70 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद सुरही नदी बेमेतरा जिले के कुम्हिगुड़ा के पास शिवनाथ नदी में मिल जाती है। शिवनाथ नदी महानदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है।

वर्तमान में लगातार बारिश के चलते सुरही नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। नदी के आसपास स्थित निचले क्षेत्रों और खेतों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। एनीकट और पुलों के आसपास पानी का बहाव तेज होने की स्थिति में आवागमन जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लोगों से नदी किनारे और तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है।

भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे जाने की बात कही गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और बच्चों तथा बुजुर्गों को नदी, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।

फिलहाल क्षेत्र में बारिश जारी रहने की स्थिति में सुरही नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को जलस्तर पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई है। सुरही नदी में बढ़े जलस्तर ने एक बार फिर क्षेत्र में जल संसाधनों की स्थिति और बारिश के प्रभाव को सामने ला दिया है।