अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं; SIR और वोट चोरी विवाद पर दिया जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान SIR विवाद, वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहना जरूरी है और राजनीतिक हथकंडों से जनादेश को चुनौती नहीं दी जा सकती। उन्होंने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की चुनावी स्थिति का हवाला देते हुए दावा किया कि पार्टी लंबे समय से कई राज्यों में सत्ता से बाहर है। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
UNITED NEWS OF ASIA. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने SIR विवाद और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडों और भीड़शाही के जरिए देश के जनादेश को झुठलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहना जरूरी है। अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राहुल गांधी एक बार दिल्ली आकर उनकी बात सुन लें, क्योंकि अगले 30 साल तक उनका नंबर नहीं लगने वाला है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल में नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, अमित शाह दिल्ली जल बोर्ड की यमुना नदी के पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों और राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अमित शाह ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार मिलने पर वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की राजनीति को देश की जनता समझ चुकी है। शाह ने यह आरोप भी लगाया कि वोट चोरी का मुद्दा उठाकर विपक्ष घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहा है। ये आरोप अमित शाह ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।
कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति का दिया हवाला
अपने भाषण में अमित शाह ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, दिल्ली और असम का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लंबे समय से इन राज्यों में चुनावी सफलता हासिल करने में संघर्ष कर रही है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए, न कि हर बार ईवीएम या चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। उन्होंने भाजपा की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय तक सरकार में बनी रहेगी।
जनादेश और चुनावी राजनीति पर सियासी घमासान
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जनता के जनादेश को राजनीतिक आरोपों के जरिए झुठलाया नहीं जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए भी तंज कसा और कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए।
SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है। ऐसे में अमित शाह के इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है।