राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालोद में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, छात्राओं को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा शासकीय उच्चतर कन्या माध्यमिक शाला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नालसा की विभिन्न योजनाओं, महिला अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।

Jan 28, 2026 - 11:33
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालोद में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, छात्राओं को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA.परस साहू, बालोद। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं और किशोरियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 24 जनवरी को शासकीय उच्चतर कन्या माध्यमिक शाला, बालोद में संपन्न हुआ।

यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष  श्यामलाल नवरत्न के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव  भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के दौरान व्यवहार न्यायाधीश हिरा सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठा सकें।

शिविर में छात्राओं को नालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई, जिनमें जागृति योजना 2025, डॉन योजना 2025, आशा योजना 2025 और संवाद योजना 2025 प्रमुख हैं। इसके साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा तथा नालसा का टोलफ्री नंबर 15100 के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना और उन्हें कानूनी सहायता के उपलब्ध संसाधनों से जोड़ना रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल की सराहना करते हुए उपस्थित शिक्षकों एवं छात्राओं ने इसे अत्यंत उपयोगी बताया। यह आयोजन बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।