बालोद में आकाशीय बिजली का कहर, गाज गिरने से 8 मवेशियों की मौत, पशुपालकों को भारी नुकसान

बालोद जिले के डौंडी विकासखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 8 मवेशियों की मौत हो गई। घटना में 6 गाय, 1 बैल और 1 बछड़ा चपेट में आ गए, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

Jul 30, 2026 - 10:50
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बालोद में आकाशीय बिजली का कहर, गाज गिरने से 8 मवेशियों की मौत, पशुपालकों को भारी नुकसान

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l सावन की लगातार बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं बालोद जिले के डौंडी विकासखंड में आकाशीय बिजली ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। बुधवार दोपहर तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली की चपेट में आने से एक ही स्थान पर 8 मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना डौंडी विकासखंड के ग्राम लिमहाटोला से कुसुमटोला मार्ग स्थित चौरका भट्ठी के पास बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे हुई। रोज की तरह चरवाहे गांव के मवेशियों को चराने के लिए खुले मैदान में ले गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से 6 गाय, 1 बैल और 1 बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई।

मृत मवेशी बंशीलाल भूआर्य, दुलार मड़ावी, रवि कोरेटी और राजकुमार साहू, निवासी ग्राम लिमहाटोला के बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मृत मवेशियों को देखकर पशुपालकों और ग्रामीणों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित पशुपालकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

इधर, जिले में बुधवार को सुबह से शाम तक लगातार बारिश होती रही। डौंडी क्षेत्र में अच्छी वर्षा दर्ज होने से कई नाले और गलियां पानी से भर गईं। लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार डौंडी क्षेत्र में 53.5 मिलीमीटर दैनिक वर्षा दर्ज की गई।

मौसमी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार कुसुमकसा में 271.2 मिमी, दल्लीराजहरा में 308.6 मिमी, डौंडी में 419.6 मिमी, अवारी में 390.4 मिमी तथा घोटिया में 434.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों तथा जलभराव वाले स्थानों पर रुकना बेहद खतरनाक हो सकता है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित भवनों में शरण लेना और मौसम साफ होने तक खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि तेज गर्जना, बिजली चमकने या खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। पशुपालकों से भी मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और मौसम खराब होने पर खुले क्षेत्रों में चराने से बचने का आग्रह किया गया है। प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर जान-माल की हानि से बचा जा सकता है।