बालोद में अवैध मुरूम परिवहन करते हाइवा जब्त, खनिज विभाग ने की कार्रवाई; 99 मामलों में 30.20 लाख रुपये का अर्थदंड वसूल
बालोद जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए मुरूम का अवैध परिवहन कर रहे हाइवा वाहन को जब्त किया है। चिल्हाटीकला और बैहाकुंआ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पकड़े गए वाहन को थाना डौंडीलोहारा में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अक्टूबर तक अवैध उत्खनन और परिवहन के 99 मामलों में कुल 30 लाख 20 हजार 849 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग ने चिल्हाटीकला और बैहाकुंआ क्षेत्र में मुरूम के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतों को लेकर जांच और निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध मुरूम परिवहन करते हुए एक हाइवा वाहन को पकड़कर जब्त किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई को जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान हाइवा वाहन क्रमांक सीजी 24 एस 9599 को मुरूम का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। विभागीय अमले ने मौके पर कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया। इसके बाद जब्त हाइवा को थाना डौंडीलोहारा परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। वाहन के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(5) एवं 23(क) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं खनिज विभाग ने जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान की गई कार्रवाई का विवरण भी जारी किया है। विभाग के अनुसार अक्टूबर 2026 तक अवैध खनिज परिवहन के कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में संबंधित लोगों से 18 लाख 60 हजार 592 रुपये का अर्थदंड वसूल कर शासन के खनिज मद में जमा कराया गया है। इसके अलावा अवैध उत्खनन के 23 प्रकरणों में 11 लाख 60 हजार 257 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है।
इस तरह वित्तीय वर्ष 2026-27 में अक्टूबर 2026 तक जिले में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन से जुड़े कुल 99 मामलों में 30 लाख 20 हजार 849 रुपये का अर्थदंड वसूल किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अवैध परिवहन के मामलों में सबसे अधिक 76 प्रकरण सामने आए हैं, जबकि अवैध उत्खनन के 23 मामलों में कार्रवाई की गई है। इन सभी प्रकरणों में नियमानुसार अर्थदंड की वसूली कर राशि शासन के खनिज मद में जमा कराई गई है।
जिला प्रशासन द्वारा खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी रोक लगाने और शासन के राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों पर निगरानी और जांच जारी रहने की बात कही गई है।