जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, लश्कर-TRF से जुड़े 10 आरोपी गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में पुलिस ने आतंकी फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जिहाद के नाम पर लोगों से पैसे जुटाकर वित्तीय नेटवर्क के जरिए आतंकियों तक पहुंचाते थे। ऑनलाइन लेनदेन की जांच में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Oct 30, 2026 - 15:58
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जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, लश्कर-TRF से जुड़े 10 आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. श्रीनगर/शोपियां। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े आतंकी फंडिंग नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। शोपियां जिले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से कथित तौर पर जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क आम लोगों से जिहाद के नाम पर चुपचाप पैसे जुटाकर उन्हें वित्तीय माध्यमों से आतंकियों तक पहुंचाने का काम कर रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के संपर्क जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों से भी थे।

शोपियां, पुलवामा और कठुआ के आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शोपियां जिले के सैदपोरा बाला निवासी ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा निवासी तजामुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां निवासी मोज इरबाल और इमदाद यूसुफ गनई शामिल हैं। इसके अलावा पुलवामा जिले के मुर्रन निवासी साकिब जहूर वानी और लियाकत नजीर लोन तथा अरमोह निवासी आमिर अहमद गनई को गिरफ्तार किया गया है। शोपियां के ट्रेंज स्थित नादिगुंड निवासी फिरदौस ठोकर और कठुआ जिले के चेक हरिया निवासी मोहम्मद हनीफ और काजू भी पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए हैं।

ऑनलाइन लेनदेन से खुला फंडिंग नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का खुलासा संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान हुआ। अलग-अलग पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए लेनदेन की पड़ताल में आतंकी फंडिंग से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की। आरोप है कि आरोपी आम लोगों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल आतंकियों को आर्थिक मदद देने के लिए करते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस रकम के जरिए आतंकियों और उनके सहयोगियों को स्मार्टफोन तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा पैसों का लेनदेन किन माध्यमों से किया जाता था।

TRF और लश्कर-ए-तैयबा के संबंधों की जांच

द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF को वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सक्रिय हुए संगठन के रूप में जाना जाता है। भारत सरकार इसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा प्रॉक्सी आतंकी संगठन मानती है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संगठन पर आतंकवादी गतिविधियों, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में पिछले 68 दिनों के दौरान 28 कथित आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। शोपियां में सामने आए इस नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं, इसकी पड़ताल जारी है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य फंडिंग के स्रोत, पैसों के इस्तेमाल और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है।