धरसीवाँ के पंडित श्यामाचरण शुक्ल शासकीय महाविद्यालय में युवा संवाद, विधायक अनुज शर्मा बोले—भ्रामक नैरेटिव से बचें युवा, राष्ट्र निर्माण में निभाएं अहम भूमिका
धरसीवाँ के पंडित श्यामाचरण शुक्ल शासकीय महाविद्यालय में 'युवा संवाद - लोकतंत्र बनाम अराजकता' विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता विधायक अनुज शर्मा ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने, तार्किक सोच अपनाने और विकसित भारत 2047 के संकल्प में सक्रिय योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढीलेंद्र सेन सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के धरसीवाँ स्थित पंडित श्यामाचरण शुक्ल शासकीय महाविद्यालय में 'युवा संवाद - लोकतंत्र बनाम अराजकता' विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धरसीवाँ विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनुज शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ हुई। इसके बाद विधायक अनुज शर्मा ने महाविद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा केवल भविष्य का निर्माता नहीं, बल्कि वर्तमान प्रगति का सबसे बड़ा संवाहक भी है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के सामने एक मिसाल है और इसकी मजबूती संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान, कानून के पालन तथा नागरिकों की जागरूकता पर निर्भर करती है।
विधायक अनुज शर्मा ने अपने संबोधन में लोकतंत्र और संविधान के प्रति निष्ठा को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक सोच, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक के रूप में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, नवाचार और समाज के विकास में करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अनुज शर्मा ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए भ्रामक नैरेटिव तथा अराजकता फैलाने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज में भ्रम, अस्थिरता और वैमनस्य पैदा करने के प्रयासों को पहचानना जरूरी है। युवाओं को किसी भी विचार या सूचना को स्वीकार करने से पहले तार्किक ढंग से उसका विश्लेषण करना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज डिजिटल माध्यमों पर अनेक प्रकार की सूचनाएं तेजी से प्रसारित होती हैं। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी खबर, वीडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से दूर रहकर जागरूक तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की।
अपने संबोधन में अनुज शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा और तब तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने शिक्षा, तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और नैतिक मूल्यों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
विधायक ने कहा कि युवाओं की बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक शक्ति देश की महत्वपूर्ण पूंजी है। यदि युवा अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे, तो देश के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में एकता बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जागरूक भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य और प्रबंध समिति द्वारा विधायक अनुज शर्मा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढीलेंद्र सेन, पूजा अश्वनी वर्मा, रॉबिन साहू, युनुस खान सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला और सभागार भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। युवा संवाद के माध्यम से लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।