रायपुर में ‘टैलेंट 2.0’ का भव्य आयोजन, दिव्यांग और सामान्य बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, समाजसेवियों का हुआ सम्मान
रायपुर में मारुति फाउंडेशन एवं हेरिटेज इंडिया द्वारा आयोजित ‘टैलेंट 2.0’ गायन और नृत्य प्रतियोगिता में दिव्यांग एवं सामान्य बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छह से बीस वर्ष तक के प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित कई अतिथि शामिल हुए। इस दौरान साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l राजधानी रायपुर में मारुति फाउंडेशन एवं हेरिटेज इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में ‘टैलेंट 2.0’ गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिव्यांग और सामान्य बच्चों ने एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में छह से बीस वर्ष तक के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना और समाज में समान अवसरों तथा समावेशिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मारुति फाउंडेशन की अध्यक्ष मेघा तिवारी ने की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से बच्चों में छिपी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर विकसित किया जा सकता है।
इस अवसर पर मेघा तिवारी ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध संदेशों और डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और उपस्थित लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा शामिल हुईं। उन्होंने दिव्यांग और सामान्य बच्चों को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उनकी क्षमताओं को पहचानने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में विख्यात शल्य कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुजन कुमार वाणी की भी विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। गौ रक्षा एवं गौसेवा के क्षेत्र में सक्रिय विक्रांत शर्मा और उमेश बिसेन तथा राष्ट्र बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रवि हिन्दुस्तानी को सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाली सोनल शर्मा का भी सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह में बजरंग दल के संस्थापक एवं पूर्व प्रदेश संयोजक दीपक दुबे, प्रांत मंत्री अशोक दुल्हानी, राष्ट्र बजरंग दल के प्रदेश संयोजक भीम साहू, छत्तीसगढ़ बजरंग दल के प्रदेश संयोजक विजेंद्र वर्मा, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश संयोजक योगेश सैनी तथा राष्ट्र बजरंग दल के दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष बंटी बजाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में छायांकन निर्देशक रोनी चंदेल, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नृत्यांगना एकता पंसारी, छत्तीसगढ़ आइडल संदीप रॉय जाधव, समाजसेविका नेहा पांडेय तथा गायिका एवं आध्या शक्ति महिला मंच की अध्यक्ष श्वेता घुरई शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और उनका उत्साहवर्धन किया। हेरिटेज इंडिया की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में ITSA Hospital, Radiant Hospital, Experteeth Luxe, Dr. Neha's Eye Care, Pink N White Hospital और Little Gem School का विशेष सहयोग रहा। इसके साथ ही कोपल वाणी, अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल प्रबंधन, तनुश्री दास और विवेक तिवारी ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
‘टैलेंट 2.0’ के माध्यम से दिव्यांग और सामान्य बच्चों को एक साथ अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। उचित अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग मिलने पर प्रत्येक बच्चा अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है। आयोजन में बच्चों की प्रतिभा को सम्मान देने के साथ साइबर सुरक्षा, सामाजिक सहभागिता और समावेशी समाज के निर्माण का संदेश भी दिया गया।