भिलाई के साई झूलेलाल धाम में अठारहवाँ शुकराना महोत्सव संपन्न, महर्षि दयानंद सरस्वती की 143वीं पुण्यतिथि पर समाजसेवियों का सम्मान

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित साई झूलेलाल धाम में आदर्श सिंध ब्रादर मंडल और महिला मंडल द्वारा अठारहवाँ शुकराना महोत्सव श्रद्धा और सद्भावना के साथ मनाया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती की 143वीं पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह और संकल्प सभा आयोजित हुई। इस दौरान समाजसेवा में सक्रिय महिलाओं को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

Oct 31, 2026 - 08:48
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भिलाई के साई झूलेलाल धाम में अठारहवाँ शुकराना महोत्सव संपन्न, महर्षि दयानंद सरस्वती की 143वीं पुण्यतिथि पर समाजसेवियों का सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, दुर्ग l भिलाई के 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड स्थित साई झूलेलाल धाम में आदर्श सिंध ब्रादर मंडल और महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में अठारहवाँ शुकराना महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सद्भावना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की 143वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में विशेष सम्मान समारोह और संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ साई झूलेलाल की विधिवत आराधना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे, सेवा भावना और आध्यात्मिक चेतना को प्रोत्साहित करना रहा। आयोजन के माध्यम से समाज के लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कृष्णानी और महिला मंडल की अध्यक्ष लक्ष्मी नागदेव ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन, विचारों और समाज सुधार के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने महर्षि दयानंद के प्रसिद्ध संदेश 'वेदों की ओर लौटो' का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया।

वक्ताओं ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज में शिक्षा, जागरूकता और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में समानता स्थापित करने पर विशेष जोर दिया था। उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

शुकराना महोत्सव के दौरान समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं को सम्मानित करने के लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ईश्वरी बढ़ानी, रानी छाबड़िया, दीपा धनकानी और राखी रेलवानी को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में सभी महिलाओं को पौधे भेंट किए गए और तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया गया।

पौधे भेंट करने की पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश भी दिया गया। आयोजन में समाजसेवा के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना को महत्वपूर्ण बताया गया। सम्मानित महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए सामाजिक कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

आदर्श सिंध ब्रादर मंडल और महिला मंडल द्वारा आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ सामाजिक एकजुटता को विशेष महत्व दिया गया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, सम्मान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का भी माध्यम बन सकते हैं।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में साई झूलेलाल की आरती की गई और प्रसाद सेवा के साथ महोत्सव का समापन हुआ। अठारहवें शुकराना महोत्सव के माध्यम से समाज ने अपनी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सेवा भावना के प्रति समर्पण व्यक्त किया।