किसानों की परेशानी बढ़ी: AGRISTAK पंजीयन में लापरवाही पर कांग्रेस का आरोप, अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

कांकेर और पखांजूर क्षेत्र में AGRISTAK पंजीयन एवं भौतिक सत्यापन में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर किसान विरोधी रवैये का आरोप लगाया। हजारों किसान पंजीयन न होने से धान खरीदी से वंचित हो सकते हैं। कांग्रेस ने अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।

Nov 25, 2025 - 12:11
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किसानों की परेशानी बढ़ी: AGRISTAK पंजीयन में लापरवाही पर कांग्रेस का आरोप, अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

 UNITED NEWS OF ASIA. श्रीदाम ढाली,  पखांजूर/कांकेर। धान खरीदी के लिए अनिवार्य AGRISTAK पोर्टल पंजीयन और भौतिक सत्यापन में गंभीर अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर कड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की लापरवाही के कारण किसानों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है, मानो सरकार किसानों से धान खरीदी करना ही नहीं चाहती।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि AGRISTAK की तकनीकी प्रक्रिया आम किसानों के लिए बेहद जटिल है। जानकारी के अभाव में किसान समय पर पंजीयन ही नहीं कर पा रहे हैं। इस वर्ष भी अंतिम तिथि नजदीक आने के बावजूद हजारों किसान पंजीयन और सत्यापन से वंचित हैं। कल AGRISTAK पंजीयन की अंतिम तिथि है, जबकि कांकेर जिले में हजारों किसान लंबित हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पंजीयन प्रक्रिया में देरी के कारण किसानों को धान बेचने में कठिनाई होगी और वे आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। इसे पार्टी ने भाजपा सरकार की “किसान विरोधी मंशा” करार दिया है।

क्षेत्र के प्रमुख धान खरीदी केंद्रों—
PV-26 मायापुर, लक्ष्मीपुर, फुरकांडी, छोटेबेठिया, कोलर, मदले, आमाबेड़ा, भैसासुर, परतापुर, संगम, ताड़ोकी, बड़गांव, बेलगाल और गोंडाहुर—में हजारों किसानों का AGRISTAK पंजीयन एवं सत्यापन अभी लंबित है।

कांग्रेस ने किसानों से 25 नवंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पंजीयन और भौतिक सत्यापन कराने की अपील की है। साथ ही सरकार से मांग की गई है कि AGRISTAK पंजीयन और धान खरीदी—दोनों की अंतिम तिथि तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि कोई किसान खरीदी से वंचित न रहे।