एसीआई में हार्ट अटैक की महंगी दवाएं और जीवनरक्षक इंजेक्शन निशुल्क

रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में गंभीर हृदय रोगियों के उपचार के लिए कई आधुनिक और महंगी दवाएं व जीवनरक्षक इंजेक्शन अस्पताल की व्यवस्था के तहत निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे मरीजों को उपचार के दौरान महंगी दवाएं बाहर से खरीदने की जरूरत कम हो रही है और परिजनों पर आर्थिक बोझ घट रहा है।

Sep 18, 2026 - 15:24
 0  2
एसीआई में हार्ट अटैक की महंगी दवाएं और जीवनरक्षक इंजेक्शन निशुल्क

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय से संबद्ध एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट यानी एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में गंभीर हृदय रोगियों के उपचार के लिए कई आधुनिक और महंगी दवाएं तथा जीवनरक्षक इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर मरीजों को उपचार के दौरान इन दवाओं की सुविधा मिल रही है। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को महंगी दवाओं की खरीद से होने वाले आर्थिक बोझ में राहत मिल रही है। यह सुविधा स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है।

एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, अस्पताल में हृदय रोगों के उपचार से संबंधित कई आधुनिक दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम, टेनेक्टेप्लेस यानी TNK-t-PA इंजेक्शन, व्यामाडा, एज़ेटिमाइब, मावाकैम्टेन, सरोग्लिटाज़ार, इवोलोकुमैब यानी रिपाथा और अन्य दवाएं शामिल हैं। अस्पताल में न्यूमोकोकल वैक्सीन सहित विभिन्न आवश्यक चिकित्सा सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इन दवाओं का उपयोग मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाता है।

हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल में टेनेक्टेप्लेस के 20, 30 और 40 मिलीग्राम के इंजेक्शन तथा स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख IU इंजेक्शन उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। ये दवाएं विशेष परिस्थितियों में रक्त के थक्के को घोलने के लिए चिकित्सकीय निगरानी में इस्तेमाल की जाती हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन दवाओं की उपलब्धता से आपातकालीन उपचार के दौरान मरीजों को बाहर से दवा मंगाने की जरूरत कम होती है और उपचार शुरू करने में सुविधा मिलती है।

अस्पताल में एंजियोग्राफी के दौरान उपयोग होने वाला नॉन-आयोनिक कॉन्ट्रास्ट मीडिया, जैसे ऑम्निपेक और विजिपेक, भी उपलब्ध है। इसके अलावा एनोक्सापारिन, हेपरिन, ह्यूमन एल्ब्यूमिन, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल, आइसोप्रेनालिन और लिडोकेन जैसी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति भी अस्पताल में की जा रही है। गंभीर मरीजों के उपचार में संक्रमण नियंत्रण और अन्य आवश्यक चिकित्सा जरूरतों के लिए कुछ महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक और एनेस्थीसिया संबंधी दवाएं भी अस्पताल की व्यवस्था में शामिल हैं।

डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, इनमें से कई दवाओं की बाजार कीमत सामान्य दवाओं की तुलना में काफी अधिक है। उदाहरण के तौर पर टेनेक्टेप्लेस की बाजार कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये और मावाकैम्टेन की कीमत लगभग 21 से 22 हजार रुपये तक बताई गई है। वास्तविक कीमत ब्रांड, डोज और पैक साइज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार इन दवाओं का निशुल्क मिलना मरीजों के परिवारों के लिए आर्थिक राहत का कारण बन सकता है।

पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी और अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने भी अस्पताल में गंभीर हृदय रोगियों के लिए महंगी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एसीआई में दवाओं की उपलब्धता का उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और परिजनों को महंगी दवाओं की बाहरी खरीद से राहत देना है। चिकित्सकों के अनुसार, किसी भी दवा का उपयोग मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।