अभियान के अंतर्गत ऐसे पौधों और पेड़ों को चिन्हित किया जा रहा है, जो ट्री गार्ड, कांक्रीट के घेरे और पेवर से चारों ओर घिरे होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे। चिन्हित स्थानों पर इन अवरोधों को हटाकर पौधों को मिट्टी, पानी और हवा सहज रूप से प्राप्त होने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों में इस अभियान के तहत अब तक लगभग 2861 ट्री गार्ड और करीब 1400 स्थानों से कांक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। नगर निगम की टीम द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर पेड़ों के आसपास मौजूद अनावश्यक संरचनाओं को हटाया जा रहा है, ताकि पौधों की जड़ों को पर्याप्त स्थान मिल सके और उनका प्राकृतिक विकास सुनिश्चित हो सके।
31 अगस्त 2026 को भी रायपुर जिले में अभियान के तहत विभिन्न शासकीय विभागों की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। सीएसपीडीसीएल, डब्ल्यूआरडी, पीएचई, केडा और आरईएस सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने 70 स्थानों से पेड़ों के चारों ओर लगे ट्री गार्ड तथा 147 स्थानों से कांक्रीट के घेरे और पेवर हटाए। इसी दिन रायपुर नगर निगम द्वारा 194 स्थानों से ट्री गार्ड और 331 स्थानों से कांक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाने की कार्रवाई की गई।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में सभी 10 जोन कमिश्नरों को इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जोन स्तर पर पौधों को चिन्हित करने से लेकर ट्री गार्ड और कांक्रीट संरचनाएं हटाने तक की कार्रवाई की लगातार निगरानी की जा रही है। नगर निगम की ओर से अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने रायपुर शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास मौजूद ऐसे पौधों की देखभाल में सहभागी बनें। पौधों को आवश्यकतानुसार पानी और खाद उपलब्ध कराकर उनके विकास में सहयोग किया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने वाले नागरिकों को पर्यावरण मित्र के रूप में सम्मानित करने की पहल भी की जा रही है।
प्रोजेक्ट पुनर्जीवन का उद्देश्य केवल पेड़ों के आसपास की संरचनाएं हटाना नहीं, बल्कि पौधों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त निगरानी में अभियान लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को पर्याप्त मिट्टी, पानी और खुला स्थान मिलने से उनके विकास में सहायता मिलेगी और शहर में हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई है।