स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची, बिना पढ़ाई तिमाही परीक्षा कैसे देंगे छात्र: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्कूलों में समय पर पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंचने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तिमाही परीक्षाओं की समय सारणी जारी हो चुकी है, लेकिन कई स्कूलों में अभी तक हिंदी, अंग्रेजी और सहायक वाचन की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। कांग्रेस ने शिक्षा विभाग से तत्काल पुस्तक वितरण सहित स्कूलों की अन्य व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों की कमी को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि तिमाही परीक्षाओं की समय सारणी जारी हो चुकी है, लेकिन प्रदेश के कई स्कूलों में अभी तक छात्रों को जरूरी किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में बिना अध्ययन किए छात्र परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे, यह गंभीर चिंता का विषय है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्कूल खुले डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हिंदी, अंग्रेजी और सहायक वाचन जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों का वितरण अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल में जो विषय पढ़ाए जा रहे हैं, उनका घर पर दोहराव नहीं हो पा रहा है, जिससे छात्रों पर परीक्षा का दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि तिमाही परीक्षा में खराब परिणाम आने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। छात्रों के साथ-साथ अभिभावक भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण बच्चों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। एक ओर स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर समय पर पाठ्य पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए लगातार पत्र लिख रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी रायपुर के कई स्कूलों में ही पुस्तकें नहीं पहुंची हैं तो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे बस्तर और सरगुजा संभाग की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में कई छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, सहायक वाचन सहित अन्य विषयों की किताबें नहीं मिली हैं। कुछ स्थानों पर जरूरत के अनुसार कम संख्या में पुस्तकें भेजी गई हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल ड्रेस और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं में भी देरी हो रही है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था की मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव स्कूलों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय अन्य मुद्दों के माध्यम से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, पेयजल, शौचालय, पुस्तक और यूनिफॉर्म जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। सरकार को इन बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में तत्काल पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।