बस्तर में मलेरिया से मौतें सरकार की लापरवाही का परिणाम: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने बस्तर में मलेरिया से हो रही मौतों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण स्थिति गंभीर हुई है। कांग्रेस ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण अभियान कमजोर पड़ा है और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बस्तर संभाग में मलेरिया से हो रही मौतों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि बस्तर में एक बार फिर मलेरिया का प्रकोप बढ़ना सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को दर्शाता है।
सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि कांकेर जिले में 10 दिनों के भीतर मलेरिया से चार लोगों की मौत होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में बस्तर क्षेत्र में हजारों लोग मलेरिया से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियां बड़ी समस्या रही हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रभावी योजनाओं और अभियानों के माध्यम से इन पर नियंत्रण पाया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मलेरिया मुक्त अभियान केवल कागजों तक सीमित रह गया है और जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।
सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा वितरित की जाने वाली मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण भी सही तरीके से नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बस्तर के लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान हाट बाजार क्लिनिक योजना और मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण जैसे अभियानों से बस्तर, सरगुजा, कवर्धा और जशपुर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में मलेरिया और डायरिया से होने वाली मौतों में काफी कमी आई थी। इन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ इलाकों के लोगों को प्रारंभिक स्वास्थ्य सुविधा आसानी से मिल जाती थी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं है और हाट बाजार क्लिनिक जैसी महत्वपूर्ण योजना को भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश के आदिवासी समाज को उम्मीद थी कि उनके क्षेत्रों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि बस्तर सहित सभी आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल बेहतर बनाया जाए, ताकि मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों से होने वाली मौतों पर रोक लगाई जा सके।