राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, डॉक्टरों की कमी से मरीजों की जान पर संकट: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस ने मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में खाली पदों को भरने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की है।

Aug 2, 2026 - 15:12
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राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, डॉक्टरों की कमी से मरीजों की जान पर संकट: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

वंदना राजपूत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है कि प्रदेश में होने वाली कई मौतों का एक बड़ा कारण मरीजों को समय पर प्रशिक्षित डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुविधा नहीं मिल पाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ और प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की रिपोर्ट में भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंताजनक है और प्रदेश देश के पिछड़े राज्यों की श्रेणी में पहुंच रहा है।

वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में आम लोगों का स्वास्थ्य और उपचार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में व्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के वर्तमान मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी के कारण अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाओं की कमी के साथ-साथ कई बार दवाइयों और आवश्यक संसाधनों की समस्या भी सामने आती है। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर दवा, जांच और उपचार नहीं मिलना सरकार की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल मेकाहारा रायपुर और डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद कई बार तकनीकी और व्यवस्थागत कारणों से उनका पूरा उपयोग नहीं हो पाता, जिससे मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता।

वंदना राजपूत ने कहा कि कभी दवाइयों की कमी, कभी एक्स-रे फिल्म और कभी पैथोलॉजी से जुड़ी सामग्री की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस ने मांग की कि अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदों को तत्काल भरा जाए। साथ ही सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, जांच सुविधाओं और आधुनिक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।