धर्मांतरण के नाम पर दंगा फैलाना सरकार की विफलता, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लागू होने के बाद भी सरकार धर्मांतरण रोकने में असफल है और राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक तनाव बढ़ाया जा रहा है। कांग्रेस ने भय, हिंसा और वर्ग संघर्ष की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

Aug 2, 2026 - 15:02
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धर्मांतरण के नाम पर दंगा फैलाना सरकार की विफलता, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धर्मांतरण के नाम पर प्रदेश में भय और आतंक का वातावरण बनाया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जहां कुछ संगठनों के लोगों द्वारा धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाकर विवाद और तनाव की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं से प्रदेश की सामाजिक एकता और शांति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लागू है और यदि कहीं गैरकानूनी धर्मांतरण की शिकायत मिलती है तो सरकार को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय यदि कोई संगठन खुद कानून हाथ में लेकर भय का वातावरण बनाता है तो यह पूरी तरह गलत है।

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि यदि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लागू होने के बाद भी सरकार धर्मांतरण रोकने में सक्षम नहीं है तो यह सरकार की प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धर्मांतरण के मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है और वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच दूरी बढ़ रही है। आदिवासी क्षेत्रों में भी सामाजिक और सांस्कृतिक टकराव की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के कारण समाज में तनाव बढ़ रहा है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डर, दबाव या लालच के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना गलत और कानून के खिलाफ है। यदि कहीं इस प्रकार की गतिविधियां होती हैं तो सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा, बहिष्कार, दंगा या किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता संविधान की शपथ लेने के बावजूद समाज में नफरत और उन्माद फैलाने का काम कर रहे हैं।

कांग्रेस ने मांग की कि राज्य सरकार धर्मांतरण के नाम पर होने वाली हिंसा और तनाव की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाए। साथ ही किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे से रही है। सरकार को राजनीतिक लाभ के बजाय प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देनी चाहिए।