बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने किया भ्रष्टाचार, आदिवासियों को शिक्षा और रोजगार चाहिए: दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर पंडुम आयोजन को लेकर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को दिखावे का हिस्सा बनाने के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। बैज ने आयोजन में खर्च की गई राशि को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से आदिवासी हितों पर ध्यान देने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर पंडुम आयोजन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों से जुड़ा महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व है, लेकिन सरकार ने इसे आत्म प्रचार का माध्यम बनाने का प्रयास किया है।
दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी समाज को राष्ट्रपति से मिलाने, दिल्ली, मुंबई या विदेश यात्रा कराने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि ऐसे आयोजनों से क्या आदिवासी युवाओं को रोजगार मिलेगा? क्या इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी? उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्ग को सम्मान के साथ बेहतर अवसरों की आवश्यकता है, न कि केवल प्रदर्शन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने भारी भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन के दौरान टेंट, कुर्सी, पंडाल सहित अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। बैज के अनुसार, करीब 6 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, जिसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि का उपयोग आदिवासी क्षेत्रों के विकास में किया जाता तो टूटी हुई सड़कें, पुल और पुलिया सुधारी जा सकती थीं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते थे। उन्होंने कहा कि दिखावे पर खर्च करने के बजाय स्थायी विकास के लिए योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
दीपक बैज ने कहा कि सरकार आदिवासियों को केवल कार्यक्रमों और आयोजनों तक सीमित रखना चाहती है, जबकि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और समान अवसर चाहिए।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कुछ लोगों को दिल्ली में भोजन कराने या मुलाकात कराने से क्या पूरे बस्तर क्षेत्र की समस्याएं समाप्त हो जाएंगी? उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग किसी सहायता के मोहताज नहीं हैं, बल्कि वे अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं।
दीपक बैज ने इससे पहले बस्तर ओलंपिक आयोजन में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को आदिवासी समाज के नाम पर होने वाले खर्चों में पारदर्शिता रखनी चाहिए। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूते और अन्य योजनाओं में भी अनियमितता के आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को आदिवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए और उनके वास्तविक विकास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।