स्वास्थ्य जांच व्यवस्था पर कांग्रेस के सवाल, एमबीबीएस डॉक्टरों से पैथोलॉजी रिपोर्ट जांचने का लगाया आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्ग जिले के कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एचएलएल द्वारा पैथोलॉजी टेस्ट की जिम्मेदारी एमबीबीएस डॉक्टरों को दी गई है। कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया, विशेषज्ञों की उपलब्धता और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ब्लड टेस्ट, एचआईवी टेस्ट सहित विभिन्न पैथोलॉजी जांचों की रिपोर्ट का परीक्षण और प्रमाणीकरण किस योग्यता वाले विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विभिन्न जांचों की जिम्मेदारी एचएलएल को दी गई है। उन्होंने दावा किया कि दुर्ग जिले के नौ से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैथोलॉजी टेस्ट की जिम्मेदारी एमबीबीएस डॉक्टरों को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग और एचएलएल से इस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों में 134, सिविल अस्पतालों में 111 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 प्रकार की जांचों की जिम्मेदारी एचएलएल को दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में जांचों की रिपोर्ट की विशेषज्ञ समीक्षा के लिए एचएलएल के पास पर्याप्त संख्या में एमडी पैथोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं या नहीं।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी भी चिकित्सा जांच की रिपोर्ट मरीज के उपचार और आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विशेष रूप से एचआईवी जैसी संवेदनशील जांचों का उल्लेख करते हुए कहा कि रिपोर्ट में त्रुटि होने की स्थिति में मरीज को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने एक जिला अस्पताल में एचआईवी जांच रिपोर्ट से संबंधित कथित गलत रिपोर्टिंग के मामले का भी उल्लेख किया और इसकी जांच की मांग की।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि एचएलएल को जांचों का ठेका दिए जाने के बाद रिपोर्ट तैयार करने और प्रमाणित करने वाले कर्मचारियों की योग्यता तथा विशेषज्ञों की उपलब्धता की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ने जांच सेवाओं के संचालन के लिए निर्धारित तकनीकी और विशेषज्ञ मानकों का परीक्षण किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री से एचएलएल द्वारा नियुक्त पैथोलॉजी विशेषज्ञों, प्रयोगशालाओं और जांच प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित योग्यता के अनुरूप जांच प्रक्रिया संचालित नहीं हो रही है, वहां व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट कौन तैयार करता है, उसका परीक्षण कौन करता है और अंतिम रूप से उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या विशेषज्ञ की होती है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जांच व्यवस्था में विशेषज्ञता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से एचएलएल के साथ हुए अनुबंध, जांच प्रक्रिया तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।