तबादला नीति को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर वसूली और भयादोहन का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तबादला नीति लागू करने में देरी और अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों के नाम पर भ्रष्टाचार एवं भयादोहन का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने सरकार से पारदर्शी तबादला नीति घोषित करने की मांग की है।

Aug 6, 2026 - 14:17
 0  2
तबादला नीति को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर वसूली और भयादोहन का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार की तबादला प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न विभागों में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही है, लेकिन अब तक स्पष्ट और पारदर्शी तबादला नीति घोषित नहीं की गई है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि वसूली और भयादोहन है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सामान्यतः प्रत्येक वर्ष जून माह के अंत में सरकार सीमित अवधि के लिए तबादला प्रक्रिया शुरू करती है, ताकि प्रशासनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ कर्मचारियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों, जैसे पति-पत्नी का एक स्थान पर पदस्थ होना या पारिवारिक समस्याओं का समाधान किया जा सके। लेकिन इस वर्ष सरकार ने अब तक कोई औपचारिक तबादला नीति घोषित नहीं की है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पारदर्शी नीति लाने के बजाय तबादलों को भ्रष्टाचार का माध्यम बना रही है। पार्टी का कहना है कि विभिन्न विभागों में पूरे वर्ष लगातार तबादले किए जा रहे हैं और कई विभागों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानांतरण आदेश जारी हो रहे हैं। इससे कर्मचारियों में असमंजस और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।

कांग्रेस ने विशेष रूप से शिक्षा विभाग का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां आवश्यकता के अनुसार तबादले किए जाते हैं और बाद में उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया भी विवादों में रहती है। पार्टी का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को स्पष्ट, घोषित और पारदर्शी तबादला नीति लागू करनी चाहिए, जिससे सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके और स्थानांतरण की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो। उनका कहना है कि यदि नीति पहले से तय होगी तो कर्मचारियों को अनिश्चितता और अनावश्यक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तबादलों की आड़ में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी का दावा है कि इससे शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकारी कर्मचारियों का मनोबल भी कमजोर पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह जल्द से जल्द स्पष्ट तबादला नीति जारी करे और स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए। पार्टी का कहना है कि प्रशासनिक निर्णय नियमों और आवश्यकता के आधार पर होने चाहिए, न कि किसी अन्य उद्देश्य से। कांग्रेस ने यह भी कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा और सुचारु प्रशासन के लिए निष्पक्ष तबादला व्यवस्था आवश्यक है।