बिजली बिल हाफ योजना बंद, दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता परेशान: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार पर बिजली बिल हाफ योजना में बदलाव, बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने उपभोक्ताओं की मांग पर स्मार्ट मीटर बदलने की मांग भी की है।

Aug 6, 2026 - 14:10
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बिजली बिल हाफ योजना बंद, दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता परेशान: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के बजाय उनसे जुड़े मुद्दों की जिम्मेदारी लेने से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि बिजली बिल हाफ योजना में बदलाव, बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर से जुड़े विवादों के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कई बिजली उपभोक्ता पिछले कुछ महीनों से अधिक बिजली बिल आने की शिकायत कर रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं ने कथित रूप से स्मार्ट मीटर हटाने तक की कोशिश की है, जिससे लोगों की नाराजगी स्पष्ट होती है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय लागू बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत पर उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी और इससे लाखों परिवार लाभान्वित होते थे। पार्टी का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में 401 यूनिट बिजली खपत होने पर उपभोक्ताओं को पूरी राशि का भुगतान करना पड़ता है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि स्मार्ट मीटर और पारंपरिक मीटर की रीडिंग में अंतर होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे उपभोक्ताओं में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। पार्टी का कहना है कि सरकार को इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर उचित समाधान उपलब्ध कराना चाहिए।

धनंजय सिंह ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में उपभोक्ताओं की सहमति को पर्याप्त महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें स्मार्ट मीटर लगाने को उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर बताया गया था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है तो बिना सहमति लगाए गए स्मार्ट मीटरों को उपभोक्ताओं की मांग पर बदला क्यों नहीं जा रहा।

कांग्रेस ने मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतें हैं, उनके आवेदन पर तत्काल कार्रवाई की जाए और आवश्यक होने पर मीटर बदले जाएं। साथ ही बिजली बिल हाफ योजना और बिजली दरों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार पुनर्विचार करे ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।