स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित 'आरुग सम्मान समारोह' का पोस्टर रायपुर प्रेस क्लब में विमोचित
स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित होने वाले 'आरुग सम्मान समारोह' का पोस्टर रायपुर प्रेस क्लब में विमोचित किया गया। 7 अगस्त को शहीद स्मारक रायपुर में आयोजित समारोह में लोककला, संस्कृति और पंडवानी परंपरा से जुड़े कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l लोककला और पंडवानी परंपरा की प्रतिष्ठित गायिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित होने वाले 'आरुग सम्मान समारोह' के पोस्टर का विमोचन बुधवार को रायपुर प्रेस क्लब में किया गया। समारोह का आयोजन 7 अगस्त को रायपुर स्थित शहीद स्मारक में किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य स्वर्गीय तीजन बाई की कला-साधना, लोक परंपरा और सांस्कृतिक योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करना तथा लोककला के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी साझा करते हुए प्रदेशभर के कला प्रेमियों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
आयोजन समिति के अनुसार, 'आरुग सम्मान समारोह' केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और पंडवानी परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है। समारोह में उन कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने लोककला, संस्कृति और पंडवानी की परंपरा को संरक्षित रखने तथा आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम का आयोजन अलीम बंसी और तीजन बाई के परिवारजनों द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति का कहना है कि स्वर्गीय तीजन बाई ने अपने जीवनकाल में पंडवानी गायन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनकी कला, समर्पण और लोकसंस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता आज भी कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसी उद्देश्य से उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए इस सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
समारोह के दौरान स्वर्गीय तीजन बाई के कला जीवन, उनकी सांस्कृतिक यात्रा और लोककला के क्षेत्र में दिए गए योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा। साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और पंडवानी की विरासत को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोककलाएं किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान होती हैं। इन्हें संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'आरुग सम्मान समारोह' लोककला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा इससे युवा कलाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने प्रदेशवासियों, कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और कला प्रेमियों से 7 अगस्त को शहीद स्मारक रायपुर में आयोजित समारोह में शामिल होकर स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की अपील की।