राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि नहीं देने से विष्णुदेव साय सरकार किसान विरोधी चेहरा उजागर करती हैं: डॉ. रश्मि चंद्राकर

महासमुंद में कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने विष्णुदेव साय सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने किसानों की बकाया धान अंतर राशि और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त जारी करने की मांग की। साथ ही 1 नवंबर से 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी शुरू करने और टोकन व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग उठाई।

Oct 28, 2026 - 14:20
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राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि नहीं देने से विष्णुदेव साय सरकार किसान विरोधी चेहरा उजागर करती हैं: डॉ. रश्मि चंद्राकर

UNITED NEWS OF ASIA. महासमुंद l छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का समय नजदीक आने के साथ ही किसानों की बकाया राशि और खरीदी व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी की पूर्व जिलाध्यक्ष एवं महासमुंद विधानसभा की पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रश्मि चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि और बकाया धान अंतर राशि का भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की।

डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण, मजदूरी और सिंचाई पर बड़ी रकम खर्च करके धान का उत्पादन करते हैं। ऐसे में समय पर भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से किसानों की बकाया धान अंतर राशि और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त तत्काल जारी करने की मांग की। उनके अनुसार, किसानों का 6,066 करोड़ रुपये बकाया होने का मुद्दा गंभीर है और सरकार को इस राशि के भुगतान में देरी नहीं करनी चाहिए।

डॉ. चंद्राकर ने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के समय किसानों को आर्थिक सहायता की जरूरत होती है। खेती में पहले ही काफी खर्च हो चुका होता है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को अपनी उपज से होने वाली आय पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने सरकार से दीपावली से पहले बकाया राशि और प्रति एकड़ अग्रिम राशि जारी करने की मांग की, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।

धान खरीदी की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि पिछले साल किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि पिछले साल सामने आई समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने इस बार क्या तैयारी की है। उन्होंने मांग की कि खरीदी केंद्रों में टोकन प्रणाली, बारदाने की उपलब्धता, तौल और परिवहन की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

डॉ. चंद्राकर ने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में थी, तब कांग्रेस सरकार से 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग करती थी। अब भाजपा की सरकार को भी किसानों के हित में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने 1 नवंबर से 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे वे अपनी उपज को सुरक्षित रखते हुए खरीदी केंद्रों तक पहुंचाने की योजना बना सकें।

डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बेहतर व्यवस्था चाहिए। सरकार को बकाया राशि का भुगतान करने और धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को टोकन, तौल और भुगतान के लिए परेशान होना पड़े, ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।