बालाघाट के भरवेली चर्च में बिशप और पादरियों से मारपीट का आरोप, दो दिन बाद दर्ज हुई FIR
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के भरवेली चर्च में बिशप और अन्य पादरियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 25 अक्टूबर की रात चर्च परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद की बताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने एफआईआर दर्ज करने में देरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, बालाघाट l मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के भरवेली स्थित चर्च में बिशप और अन्य पादरियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 25 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चर्च में आयोजित कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ लोगों ने बिशप और पादरियों को रोकने की कोशिश की और फिर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। मामले में पुलिस ने शिकायत के दो दिन बाद मंगलवार को एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, भरवेली स्थित चर्च में 25 अक्टूबर की रात पादरी निवास के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बिशप डॉ. सी. सेल्विन, क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के पदाधिकारी और अन्य पादरी बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान विवाद होने का आरोप लगाया गया है। चर्च सदस्यों के मुताबिक, जबलपुर और खंडवा से आए कुछ लोग बिशप को रोकने का प्रयास कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कथित भ्रष्टाचार के मामले में हटाए गए मनीष गिडियन और एरिक नाथ के परिवार के सदस्यों तथा अन्य संबंधित लोगों ने विवाद के दौरान गाली-गलौज और हाथापाई की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रीजनल कॉन्फ्रेंस के ट्रेजरर फेडरिक सोमा और चर्च सदस्य करुणा क्षत्रिय ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद शिकायत देने के बावजूद दो दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फेडरिक सोमा के अनुसार, कथित मारपीट में उन्हें और अन्य पादरियों को चोटें आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने मामले में मनीष गिडियन, एरिक नाथ के परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम के बाद इस तरह का विवाद होना गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस से घटना की निष्पक्ष जांच करने और सामने आए वीडियो सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने की मांग की है। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए घटना की पूरी स्थिति और विवाद की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भरवेली पुलिस ने मंगलवार को मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्रकरण की जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं, मारपीट के आरोपों में कौन-कौन शामिल था और शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।