बलरामपुर में छात्रावास पहुँचीं कलेक्टर, छात्राओं से हिंदी-अंग्रेजी की किताबें पढ़वाकर परखा पठन कौशल

बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शंकरगढ़ विकासखंड के जगिमा स्थित पहाड़ी कोरवा बालिका छात्रावास का रात में औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से हिंदी और अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकें पढ़वाकर उनके पठन कौशल का आकलन किया। साथ ही भोजन, दिनचर्या, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। मिशन आचार्य के तहत ‘बलरामपुर पढ़ेगा हर दिन 20 मिनट’ अभियान के माध्यम से बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Oct 28, 2026 - 12:48
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बलरामपुर में छात्रावास पहुँचीं कलेक्टर, छात्राओं से हिंदी-अंग्रेजी की किताबें पढ़वाकर परखा पठन कौशल

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में मिशन आचार्य के तहत विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने 27 अक्टूबर की रात विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम जगिमा स्थित पहाड़ी कोरवा बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ छात्राओं से सीधे संवाद किया और उन्हें नियमित रूप से किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर छात्राओं के कमरों में पहुँचीं और उनसे पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या तथा पाठ्यपुस्तकों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से हिंदी और अंग्रेजी की किताबों के अंश पढ़वाकर उनके पठन कौशल का आकलन किया। छात्राओं ने उत्साह के साथ किताबें पढ़कर सुनाईं। उनकी भागीदारी और पढ़ने के प्रति रुचि देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस संवाद का उद्देश्य छात्राओं में नियमित अध्ययन की आदत विकसित करना, भाषा संबंधी दक्षता बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा।

जिले में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के नेतृत्व में मिशन आचार्य संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करना और उनकी शैक्षणिक दक्षता में सुधार लाना है। इसके तहत ‘बलरामपुर पढ़ेगा हर दिन 20 मिनट’ थीम के माध्यम से अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट अपने बच्चों के साथ पढ़ने के लिए समय निकालें। साथ ही मोबाइल से दूरी बनाकर स्वयं पढ़ने की आदत अपनाएं, ताकि बच्चे बड़ों को देखकर पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों।

इस पहल के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि पढ़ने की आदत केवल स्कूल की कक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। घर, विद्यालय और छात्रावास में भी नियमित पठन का अभ्यास होना जरूरी है। प्रतिदिन कुछ समय किताबों के साथ बिताने से बच्चों की भाषा समझने की क्षमता, शब्द ज्ञान और आत्मविश्वास को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान छात्रावास में भोजन व्यवस्था, निर्धारित मेनू, छात्राओं को दिए जा रहे खाद्य पदार्थों और दैनिक दिनचर्या की भी जानकारी ली। इसके अलावा रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी और छात्रावास अधीक्षिका उपस्थित थीं।

मिशन आचार्य के माध्यम से जिले में जनभागीदारी के साथ बच्चों की पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों में सीखने की रुचि, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास विकसित करना भी है। ‘बलरामपुर पढ़ेगा हर दिन 20 मिनट’ अभियान इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।