UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर खुद को दबदबे वाला या ‘डॉन’ बताने की कोशिश से जुड़ी कथित तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में एक युवक कथित तौर पर हथियार के साथ नजर आ रहा है। वहीं दूसरी तस्वीर में वही युवक एक पुलिसकर्मी के साथ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है और तस्वीर पर ‘डॉन’ शब्द भी लिखा हुआ है। हालांकि इन तस्वीरों की वास्तविकता, उनमें दिखाई दे रहे हथियार की स्थिति और संबंधित युवक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस की साइबर निगरानी को लेकर उठ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर हथियारों के साथ तस्वीरें या वीडियो साझा कर रहा है और साथ में खुद को दबंग या डॉन के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसी गतिविधियों पर पुलिस की नजर कितनी प्रभावी है, यह चर्चा का विषय बन गया है। खासकर ऐसे समय में जब सोशल मीडिया युवाओं के बीच तेजी से प्रभाव डाल रहा है, हथियारों का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से चिंता का कारण बन सकता है।
वायरल पोस्ट को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस की साइबर मॉनिटरिंग टीम सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या संदिग्ध गतिविधियों पर स्वत: नजर रखती है या फिर कार्रवाई के लिए शिकायत मिलने का इंतजार किया जाता है। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन केवल व्यक्तिगत छवि बनाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे दूसरे लोगों पर प्रभाव पड़ने और आपराधिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलने की आशंका भी जताई जाती है। ऐसे मामलों में पोस्ट की सत्यता, हथियार की वैधता और पोस्ट करने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
रायपुर में सोशल मीडिया के जरिए खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आने का दावा ऐसे समय में हुआ है, जब पुलिस और प्रशासन लगातार कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी की बात करते हैं। ऐसे में वायरल पोस्ट पुलिस के लिए भी जांच का विषय बन सकती है। यदि तस्वीरें वास्तविक पाई जाती हैं, तो पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि हथियार कहां से आया, उसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज है या नहीं और तस्वीरें किस उद्देश्य से सोशल मीडिया पर साझा की गईं।
फिलहाल वायरल तस्वीरों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीरें वास्तविक हैं या नहीं और उनमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की भूमिका क्या है। यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले ने रायपुर में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की सक्रियता और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर पुलिस की निगरानी को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।