प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और रायपुर जिला प्रशासन की पर्यावरण हितैषी पहल के तहत प्रोजेक्ट पुनर्जीवन को आगे बढ़ाया जा रहा है। रायपुर जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा की निगरानी में सभी 10 जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पौधों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो ट्री गार्ड, कांक्रीट के घेरे या पेवर से चारों ओर से घिरे होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।
अभियान के तहत चिन्हित पौधों के आसपास लगाए गए अनावश्यक ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरे तथा पेवर हटाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पौधों को प्राकृतिक रूप से फैलने और विकसित होने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराना है। खुले स्थान मिलने से पौधों की जड़ों को मिट्टी और पानी आसानी से प्राप्त हो सकेगा तथा उन्हें प्राकृतिक वातावरण में बढ़ने का अवसर मिलेगा।
रायपुर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न जोनों और वार्डों में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक लगभग 1982 ट्री गार्ड और करीब 396 स्थानों पर लगे कांक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाए जा चुके हैं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सभी जोन कमिश्नरों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और मौके पर निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। सभी 10 जोनों में पौधों की स्थिति और उनके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
रायपुर जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने शहर के नागरिकों से भी पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे पौधों को आवश्यकतानुसार पानी और खाद उपलब्ध कराने तथा उनके संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले नागरिकों को पर्यावरण मित्र के रूप में सम्मानित करने की बात भी कही गई है।
प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य पौधों को केवल लगाने तक सीमित न रखते हुए उनके प्राकृतिक विकास और संरक्षण पर भी ध्यान देना है। ट्री गार्ड और कांक्रीट के अनावश्यक घेरों को हटाकर पौधों के आसपास खुली जगह उपलब्ध कराने से उन्हें मिट्टी, पानी और हवा का बेहतर वातावरण मिल सकेगा। रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनों में यह अभियान सतत रूप से जारी है।