पीएमश्री स्कूल में समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन नहीं, पालक सदस्यों और प्राचार्य के बीच बढ़ा विवाद

अंबागढ़ चौकी के पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन में देरी को लेकर विवाद सामने आया है। पालक सदस्यों ने शासन के निर्देशों के अनुसार समय पर समिति का गठन नहीं होने का आरोप लगाते हुए डीईओ को ज्ञापन सौंपा है। वहीं प्राचार्य भरत चौहान ने कहा कि 10 अगस्त के बाद एसएमसी गठन को लेकर शासन से कोई नई गाइडलाइन नहीं मिली है और नए आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

Sep 5, 2026 - 08:06
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पीएमश्री स्कूल में समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन नहीं, पालक सदस्यों और प्राचार्य के बीच बढ़ा विवाद

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, मानपुर l नगर के पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति यानी एसएमसी के गठन में देरी को लेकर विवाद सामने आया है। पालक सदस्यों का आरोप है कि शासन के निर्देशों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन 10 अगस्त से पहले किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसको लेकर निर्वाचित पालक सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समिति का गठन कराने और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

बताया गया है कि विद्यालय प्रबंधन समिति के लिए पालक सदस्यों का चुनाव 3 अगस्त को कराया गया था। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक सप्ताह के भीतर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन कर पूरी एसएमसी का गठन किया जाना था। पालक सदस्यों का कहना है कि समय सीमा बीतने के करीब 25 दिन बाद भी समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर विद्यालय के पालक सदस्यों और प्राचार्य के बीच मतभेद बढ़ने की बात सामने आई है।

निर्वाचित पालक सदस्यों पूर्व पार्षद शेख अनीश कुरैशी, विमल साहू, खोमनलाल, शकर देवांगन और रूबी शेख ने डीईओ के नाम ज्ञापन सौंपा। पालक सदस्यों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में एसएमसी गठन को लेकर शासन के निर्देशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि विद्यालय प्रबंधन समिति का उद्देश्य स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के विकास और विद्यालय से जुड़े विषयों में पालकों की सहभागिता सुनिश्चित करना है, इसलिए समिति का समय पर गठन जरूरी है।

मामले को लेकर विद्यालय के प्राचार्य भरत चौहान का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि एसएमसी गठन के संबंध में शासन की ओर से 10 अगस्त के बाद कोई नई गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नए आदेश का इंतजार किया जा रहा है। प्राचार्य के इस पक्ष के बाद अब विवाद का केंद्र शासन के निर्देशों और समिति गठन की वर्तमान प्रक्रिया को लेकर बन गया है।

इधर पालक सदस्यों और विद्यालय प्रबंधन के बीच विवाद के साथ स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में पीएमश्री स्वामी आत्मानंद हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का परीक्षा परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। पालकों का दावा है कि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के परिणामों में लगातार गिरावट आई है। इसी आधार पर विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की कार्यशैली को लेकर भी चर्चा हो रही है।

पालकों की ओर से विद्यालय में शिक्षकों की कमी, अव्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। उनका दावा है कि कुछ पालकों ने स्कूल की व्यवस्थाओं से असंतुष्ट होकर अपने बच्चों की टीसी भी ले ली है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अब पूरे मामले में जिला शिक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पालक सदस्यों की मांग है कि एसएमसी गठन की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और शासन के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं प्राचार्य के अनुसार नए दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऐसे में स्कूल प्रबंधन समिति के गठन को लेकर शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर सभी की नजर बनी हुई है।