भावना बोहरा की दृढ़ इच्छाशक्ति से पांडातराई को मिली बड़ी सौगात – उप तहसील स्थापना से ग्रामीणों को मिलेगा त्वरित प्रशासनिक समाधान
पंडरिया विधानसभा की बहुप्रतीक्षित मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने नगर पंचायत पांडातराई में नई उप तहसील की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की है। विधायक भावना बोहरा की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा के संकल्प से यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हुआ। अब क्षेत्रवासियों को राजस्व सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही मिलेंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ त्वरित समाधान भी सुनिश्चित होगा।
UNITED NEWS OF ASIA. पंडरिया/कवर्धा। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब नगर पंचायत पांडातराई में नई उप तहसील की स्थापना को छत्तीसगढ़ सरकार ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा दी गई इस स्वीकृति ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर दिया।
भावना बोहरा की इच्छाशक्ति का परिणाम
जनपद पंचायत सदस्य तुषार चन्द्रवशी ने इस अवसर पर कहा कि “उप तहसील की स्थापना भावना दीदी की अटूट इच्छाशक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उनके नेतृत्व में पंडरिया विधानसभा का हर गांव विकास पथ पर अग्रसर है।”
उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में सशक्त पहल है। नई उप तहसील के माध्यम से अब जन शिकायतों का त्वरित समाधान, राजस्व सेवाओं की स्थानीय उपलब्धता, और किसानों को सीधे लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।
किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
नई उप तहसील की स्थापना से पांडातराई एवं उसके आसपास के दर्जनों गांवों में निवासरत किसानों और नागरिकों को राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं उनके घर के पास ही उपलब्ध होंगी। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति भी आएगी।
विकास की नई परिभाषा
तुषार चन्द्रवशी ने कहा कि “विगत कार्यकाल में पंडरिया क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा, लेकिन आज विधायक भावना बोहरा के अथक प्रयासों से हर गांव संवर रहा है। उप तहसील की यह सौगात विकास के नए अध्याय की शुरुआत है।”
जनपद पंचायत पंडरिया क्षेत्र क्रमांक 22 की जनता ने भी इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए विधायक भावना बोहरा के प्रति कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया है।
पांडातराई में उप तहसील की स्थापना न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम है, बल्कि यह ग्रामीणों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। भावना बोहरा के नेतृत्व में पंडरिया विधानसभा अब तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।