मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से आत्मनिर्भर बने ताम्रकार पटेल, गांव में शुरू किया अपना व्यवसाय
छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने कबीरधाम जिले के ग्राम रेलाई निवासी ताम्रकार पटेल को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। लाइवलीहुड कॉलेज, महाराजपुर से रिटेल सेल्स एसोसिएट का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने गांव में ‘काली सीसीटीवी कैमरा’ नाम से अपनी दुकान शुरू की। आज वे व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक का लाभ कमा रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l हुनर, मेहनत और सही मार्गदर्शन से सफलता की राह आसान हो सकती है। कबीरधाम जिले के ग्राम रेलाई निवासी ताम्रकार पटेल ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है। लोहारा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कौशल प्रशिक्षण की जानकारी हासिल की और इसका लाभ उठाकर गांव में अपना व्यवसाय शुरू किया। आज वे अपनी दुकान से प्रतिमाह लगभग 8,000 से 10,000 रुपये तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं।
ताम्रकार पटेल लोहारा कॉलेज में अध्ययनरत थे। इसी दौरान लाइवलीहुड कॉलेज, महाराजपुर के प्रशिक्षक रुपेश चंद्रवंशी और काउंसलर कॉलेज पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी दी। इस जानकारी से प्रेरित होकर ताम्रकार पटेल ने रिटेल सेक्टर के अंतर्गत रिटेल सेल्स एसोसिएट कोर्स में प्रवेश लिया।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने रिटेलिंग, मार्केटिंग, ग्राहक सेवा, बिलिंग और कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी प्राप्त की। इन कौशलों ने उन्हें व्यवसाय के संचालन और ग्राहकों से बेहतर तरीके से जुड़ने की समझ दी। प्रशिक्षण से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी मिली।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ताम्रकार पटेल ने अपने गांव रेलाई में ‘काली सीसीटीवी कैमरा’ नाम से दुकान शुरू की। इस व्यवसाय के माध्यम से वे अपनी आजीविका चला रहे हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रशिक्षण से पहले उन्हें अपनी दुकान शुरू करने और व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। लाइवलीहुड कॉलेज में मिले प्रशिक्षण ने उन्हें व्यवसाय की बारीकियां समझने और स्वरोजगार के लिए तैयार होने में मदद की।
ताम्रकार पटेल अब अपने अनुभव के आधार पर व्यवसाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार के अवसर तलाशने के साथ-साथ स्वयं का काम शुरू करने के लिए भी प्रेरित कर सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त व्यावहारिक जानकारी ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
ताम्रकार पटेल ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस योजना से मिले प्रशिक्षण की बदौलत वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं और अपने परिवार के आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।