कबीरधाम में धान खरीदी की तैयारियां 10 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश, जिले में बनेंगे 145 उपार्जन केंद्र

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कबीरधाम जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर खाद्य विभाग ने उपार्जन समितियों के प्रबंधकों और केंद्र प्रभारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। सभी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं 10 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष जिले में 145 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की व्यवस्था की जा रही है, जिनमें 108 पुराने और 37 नए केंद्र शामिल हैं।

Oct 24, 2026 - 13:59
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कबीरधाम में धान खरीदी की तैयारियां 10 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश, जिले में बनेंगे 145 उपार्जन केंद्र

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए कबीरधाम जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर खाद्य विभाग ने नवीन धान उपार्जन समितियों और केंद्रों के प्रबंधकों तथा प्रभारियों की बैठक आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 10 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को शासन की धान खरीदी संबंधी गाइडलाइन का विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया।

जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कुल 145 उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें 108 पूर्व से संचालित केंद्र और 37 नवीन उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रशासन का प्रयास है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में खाद्य अधिकारी ने समिति प्रबंधकों और केंद्र प्रभारियों से धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियों की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने केंद्रों तक सुगम पहुंच मार्ग, कार्यालय भवन, चबूतरे और फड़ का समतलीकरण, पेयजल, शौचालय तथा किसानों के बैठने और विश्राम के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था, जल निकासी और अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को तौल कांटों और बाटों का सत्यापन कराने, कंप्यूटर एवं प्रिंटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी के लिए बारदाना और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा भी की गई।

केंद्रों में सूचना पटल लगाने, जरूरी जानकारियों का प्रदर्शन करने, प्राथमिक उपचार पेटी उपलब्ध रखने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी व्यवस्थाएं भी निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूरी करने को कहा गया।

वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी पर जोर

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पूर्व में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही की जाए। व्यापारियों, बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी रखने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उपार्जन केंद्रों में पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इसका उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाना है।

अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त सहकारिता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों तथा केंद्र प्रभारियों को शासन की गाइडलाइन के अनुरूप खरीदी प्रक्रिया संचालित करने की जानकारी दी गई।

जिला प्रशासन का लक्ष्य 10 नवंबर तक सभी 145 उपार्जन केंद्रों की तैयारियां पूरी करना है, ताकि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान व्यवस्थाएं सुचारू रहें और किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल सके।