महासमुंद पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई: खैर लकड़ी तस्करी मामले में 3.61 करोड़ रुपये नकद जब्त, 70 टन लकड़ी बरामद
महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग से जुड़े मामले में ओडिशा, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, अब तक आरोपियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों से 3,61,52,880 रुपये नकद, 70 टन अवैध खैर लकड़ी और लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के नौ वाहन जब्त किए जा चुके हैं। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के मामले में फरार आरोपी संजय छापरिया को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी एवं बिलिंग से जुड़े मामले में महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में आरोपियों तथा उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी गई है। इस कार्रवाई में अब तक 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद, 70 टन अवैध खैर लकड़ी और लगभग एक करोड़ रुपये अनुमानित कीमत के नौ वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी
पुलिस के अनुसार, खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा को लेकर सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मामला थाना सिंघोड़ा में दर्ज है। इस प्रकरण में फरार आरोपी संजय छापरिया को महासमुंद पुलिस की टीम ने 18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया। इसके बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आरोपी को महासमुंद लाया गया।
ओडिशा में 60 लाख रुपये नकद जब्त
पुलिस अभिरक्षा में संजय छापरिया से पूछताछ और उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर ओडिशा के बरगढ़ जिले में कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के आवास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, उसके सहयोगी और टैक्स कंसल्टेंट के पास रखे गए 15 लाख रुपये भी 22 अक्टूबर 2026 को विधिवत जब्त किए गए। इस तरह बरगढ़ में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 60 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
हिमाचल प्रदेश में भी कार्रवाई
विवेचना के दौरान पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में उन ठिकानों पर दबिश दी, जहां आरोपियों को कथित तौर पर अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता मिल रही थी। पुलिस के अनुसार, यहां पहले 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। इसके बाद एक अन्य स्थान पर कार्रवाई करते हुए 35 लाख रुपये और जब्त किए गए।
महासमुंद पुलिस के अनुसार, मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अब तक कुल 3,61,52,880 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस इस रकम को अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित राशि मानकर जांच कर रही है।
70 टन लकड़ी और नौ वाहन जब्त
पुलिस ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की गई है। इसके अलावा पांच भारी मालवाहक वाहन, जिनमें चार ट्रक और एक डंपर शामिल हैं, तीन कारें और एक मालवाहक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। जब्त कारों में हुंडई क्रेटा, महिंद्रा एक्सयूवी 500 और डस्टर शामिल हैं। इन नौ वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई है।
फर्जी एनओसी मामले में भी विवेचना जारी
खैर लकड़ी के 23,350 किलोग्राम अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई एनटीपीएस एनओसी में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी के मामले में थाना पिथौरा में 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त नकदी की विधिवत कुर्की और आरोपियों को कथित अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई और विवेचना जारी है।