महासमुंद कांग्रेस भवन में मनाई गई शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती, नेताओं ने याद किए उनके संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान

महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस भवन में शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती सादगी और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महेंद्र कर्मा के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्ष, जनसेवा, आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई और नक्सलवाद के खिलाफ उनके योगदान को याद करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को छत्तीसगढ़ के इतिहास में अमर बताया।

Aug 6, 2026 - 15:20
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महासमुंद कांग्रेस भवन में मनाई गई शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती, नेताओं ने याद किए उनके संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l महासमुंद में जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस भवन में बस्तर के वरिष्ठ जननेता और 'बस्तर के टाइगर' के नाम से पहचाने जाने वाले शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती सादगी, सम्मान और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी ने महेंद्र कर्मा के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन, जनसेवा और सर्वोच्च बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष खिलावन बघेल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत महेंद्र कर्मा के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने महेंद्र कर्मा के जीवन, उनके राजनीतिक योगदान और समाज के प्रति उनके समर्पण पर विस्तार से अपने विचार रखे।

पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि महेंद्र कर्मा छत्तीसगढ़ की माटी के ऐसे सपूत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज, प्रदेश और विशेष रूप से बस्तर के विकास के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि महेंद्र कर्मा ने कठिन परिस्थितियों में भी जनता के हितों को सर्वोपरि रखा और बस्तर में शांति स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए। नक्सलवाद के खिलाफ उनकी मुखर भूमिका और साहसिक नेतृत्व ने उन्हें पूरे प्रदेश में एक अलग पहचान दिलाई।

विनोद चंद्राकर ने कहा कि झीरम घाटी हमले में महेंद्र कर्मा का सर्वोच्च बलिदान केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति थी। उन्होंने कहा कि उनके विचार, संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से महेंद्र कर्मा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

जिला प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल ने कहा कि महेंद्र कर्मा ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा शोषित, वंचित और आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने विधानसभा से लेकर जनसभाओं तक समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनके व्यक्तित्व में संघर्ष, साहस, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि महेंद्र कर्मा के विचार आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक हैं।

लक्ष्मण पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में महेंद्र कर्मा के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के कमजोर वर्गों के हित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र कर्मा का राजनीतिक जीवन केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक सरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी। आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा, क्षेत्र के विकास और शांति स्थापित करने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए। यही कारण है कि उन्हें बस्तर के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है।

सभा में उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महेंद्र कर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में "शहीद महेंद्र कर्मा अमर रहें" के नारे लगाए और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, जिला प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, मंडल अध्यक्ष खिलावन बघेल, दाऊलाल चंद्राकर, संजय शर्मा, निर्मल जैन, खिलावन साहू, सोमेश दवे, हीरा बंजारे, नितेंद्र बैनर्जी, सोनम रामटेके, देवेश शर्मा, डॉ. तरुण साहू, दिलीप जैन, गोपी तारक, मानिक साहू, प्रकाश अजमानी, टोमन कागजी, अनुराग चंद्राकर, नारायण नामदेव, भोलेनाथ गंधर्व, कमल प्रजापति, राजू साहू, मोती साहू, सतीश कन्नौजे, निखिल चंद्राकर, आशीष साहू, विनोद युगर, वेदप्रकाश साहू, अर्चना राजपूत, रूखमणी निषाद, भानु सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित नेताओं ने कहा कि महेंद्र कर्मा का जीवन संघर्ष, साहस और समर्पण का प्रतीक है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते रहेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि महेंद्र कर्मा के योगदान और बलिदान को प्रदेश हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।