अविश्वास प्रस्ताव पर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, बोले- यह सरकार नहीं, कांग्रेस के भीतर अविश्वास का प्रस्ताव था

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद वनमंत्री केदार कश्यप ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना तथ्यों के प्रस्ताव लाई थी, जो उसकी हताशा, गुटबाजी और राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक है।

Jul 20, 2026 - 12:49
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अविश्वास प्रस्ताव पर केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला, बोले- यह सरकार नहीं, कांग्रेस के भीतर अविश्वास का प्रस्ताव था

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद वनमंत्री केदार कश्यप ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह तथ्यहीन, मुद्दाविहीन और केवल राजनीतिक हताशा का प्रतीक था।

केदार कश्यप ने कहा कि विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई भी ठोस, तथ्यात्मक और तार्किक आरोप साबित नहीं कर सकी। विपक्ष का पूरा प्रयास केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल बनाने तक सीमित रहा, लेकिन सदन में उसकी रणनीति पूरी तरह विफल हो गई। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की हार ने कांग्रेस के राजनीतिक दिवालियापन और नेतृत्व संकट को उजागर कर दिया है।

वनमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब न कोई सकारात्मक एजेंडा बचा है और न ही जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे। उन्होंने कहा कि केवल सुर्खियों में बने रहने और अपनी आंतरिक गुटबाजी को छिपाने के लिए कांग्रेस ने यह प्रस्ताव लाया था। उनके मुताबिक यह प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर बढ़ते अविश्वास और असंतोष का प्रतीक बनकर सामने आया।

केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता पहले ही कांग्रेस के भ्रष्टाचार, कुशासन और वादाखिलाफी को नकार चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। किसानों के हित में लिए गए फैसले, महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं का सशक्तीकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और पारदर्शी सुशासन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं और विकास कार्यों से घबराकर कांग्रेस निराधार आरोपों की राजनीति कर रही है। विपक्ष जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता खो चुका है, इसलिए वह विधानसभा में भी केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहा।

वनमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के जरिए विधानसभा का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्ष बिखरा हुआ, असंगठित और नेतृत्वविहीन दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में जनता के मुद्दों को लेकर गंभीर होती, तो सदन में तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखती।

केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता विकास, सुशासन और परिणाम आधारित राजनीति चाहती है, जबकि कांग्रेस आज भी नकारात्मक राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प के साथ आगे भी पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरते हुए विकास और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में लगातार काम करती रहेगी।