युवा प्रभाग के पदाधिकारियों के अनुसार इस बाइक रैली का उद्देश्य केवल एक आयोजन करना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और स्वाभिमान का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रैली में कांकेर जिले के सभी विकासखंडों से बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और समाज के वरिष्ठजन शामिल होंगे। प्रतिभागी पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा धारण कर समाज के ध्वज और जागरूकता से जुड़े संदेशों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। इस दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास से जुड़े संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए युवा प्रभाग ने विभिन्न समितियों का गठन किया है। यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वागत, चिकित्सा सहायता, पेयजल और समन्वय सहित अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। आयोजकों का कहना है कि रैली अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की जाएगी, ताकि सभी प्रतिभागी सुरक्षित वातावरण में इसमें शामिल हो सकें।
भव्य बाइक रैली 8 अगस्त को सुबह 9 बजे गोंडवाना भवन, सिंगारभाट से प्रारंभ होगी। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भीरावही स्थित गोंडवाना भवन पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। पूरे मार्ग में आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, परंपरा, सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े संदेशों का प्रसार किया जाएगा।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिलाध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी ने जिले के सभी समाजजनों, विशेषकर युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने, सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन, भाईचारे और गरिमा बनाए रखते हुए रैली में सहभागिता निभाने तथा 9 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।