कांकेर-नारायणपुर सीमा पर नक्सली डंप का खुलासा, भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों के एक डंप का खुलासा किया। मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और नक्सल उपयोग की अन्य सामग्री बरामद की गई, जबकि बीडीएस टीम ने विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।

Jul 21, 2026 - 11:03
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कांकेर-नारायणपुर सीमा पर नक्सली डंप का खुलासा, भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद

UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कांकेर-नारायणपुर सीमा पर ग्राम आलपरस और गुमचुर के बीच स्थित जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों के एक डंप का पता लगाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और नक्सल गतिविधियों में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री बरामद की।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई। अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की संयुक्त टीम शामिल थी। सर्चिंग के दौरान टीम ने जंगल में छिपाकर रखे गए नक्सली डंप का पता लगाया और वहां से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की।

बरामद सामग्री में इंसास राइफल, .303 राइफल, एसएलआर और 8 एमएम हथियारों के कारतूस, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) सेल, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, स्टील कंटेनर, दवाइयां तथा नक्सल गतिविधियों में उपयोग की जाने वाली अन्य सामग्री शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल नक्सली भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर सकते थे।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने मौके पर ही बरामद बीजीएल सेल, डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। इससे संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार कांकेर और नारायणपुर की सीमा लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रही है। घने जंगल और पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर नक्सली संगठन अक्सर हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री छिपाकर रखते हैं। ऐसे में सुरक्षा बल नियमित रूप से संयुक्त सर्चिंग अभियान चलाकर इन ठिकानों का पता लगाने और नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। बरामद विस्फोटक और गोला-बारूद का सुरक्षित निष्प्रभावीकरण कर सुरक्षा बलों ने संभावित हमलों की आशंका को भी कम किया है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सीमावर्ती नक्सल प्रभावित इलाकों में डीआरजी, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों के ठिकानों को नष्ट करना, हथियार और विस्फोटक बरामद करना तथा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम रखना है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियान आगे भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या सुरक्षा बलों को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुई यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और समन्वित अभियान का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।