ऊनी कपड़े धोते समय न करें ये गलतियां, स्वेटर और जैकेट को सिकुड़ने से बचाने के आसान तरीके
सर्दियों में स्वेटर, कार्डिगन और ऊनी जैकेट की सही देखभाल करना जरूरी है। गलत तरीके से धुलाई करने पर कपड़े सिकुड़ सकते हैं, उनकी मुलायमियत खत्म हो सकती है और आकार बिगड़ सकता है। कपड़ों के केयर लेबल को पढ़ना, माइल्ड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना, गर्म पानी और तेज स्पिन से बचना तथा कपड़ों को सपाट बिछाकर सुखाना उनकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करता है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही स्वेटर, कार्डिगन, जैकेट और दूसरे ऊनी कपड़ों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ठंड से बचाने वाले ये कपड़े आरामदायक होते हैं, लेकिन इनकी सही देखभाल करना भी जरूरी है। अक्सर गलत तरीके से धोने, गर्म पानी का इस्तेमाल करने या गीले कपड़ों को हैंगर पर टांगने से स्वेटर सिकुड़ जाते हैं और उनका आकार बिगड़ जाता है। कुछ कपड़ों की मुलायमियत भी कम हो जाती है। ऐसे में सही धुलाई और सुखाने के तरीके अपनाकर ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखा जा सकता है।
धोने से पहले केयर लेबल जरूर पढ़ें
ऊनी कपड़े धोने से पहले उनके अंदर लगे केयर लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। हर कपड़े की बनावट और धुलाई की जरूरत अलग हो सकती है। कुछ स्वेटर हाथ से धोए जा सकते हैं, जबकि कुछ मशीन में धोने के लिए उपयुक्त होते हैं। वहीं, कुछ जैकेट और विशेष ऊनी कपड़ों को ड्राई क्लीन कराने की सलाह दी जाती है। इसलिए कपड़े पर दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है। बिना जानकारी के किसी भी ऊनी कपड़े को मशीन में डालने से उसका आकार और बनावट खराब हो सकती है।
हाथ से ऊनी कपड़े धोने का सही तरीका
अगर स्वेटर हाथ से धोने योग्य है, तो ठंडे या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। पानी में ऊनी कपड़ों के लिए उपयुक्त माइल्ड डिटर्जेंट मिलाएं और स्वेटर को धीरे-धीरे दबाकर साफ करें। कपड़े को जोर से रगड़ने, खींचने या मरोड़ने से बचें। इसके बाद साफ पानी से धीरे-धीरे डिटर्जेंट निकाल दें। ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक पानी में भिगोकर रखना भी उचित नहीं है, क्योंकि इससे उनकी बनावट प्रभावित हो सकती है।
क्या वॉशिंग मशीन में धो सकते हैं स्वेटर?
कुछ ऊनी कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोया जा सकता है, लेकिन पहले लेबल पर मशीन वॉश की अनुमति देखना जरूरी है। मशीन में वूल या डेलिकेट साइकल उपलब्ध हो, तो उसका इस्तेमाल करें। स्वेटर को उल्टा करके मेश लॉन्ड्री बैग में रखना भी उपयोगी हो सकता है। माइल्ड या वूल-सेफ डिटर्जेंट चुनें और तेज स्पिन से बचें। ऊनी कपड़ों को जींस, तौलिये और भारी कपड़ों के साथ धोने से भी बचना चाहिए।
ऊनी कपड़ों को सुखाने का सही तरीका
धुलाई के बाद ऊनी कपड़ों को मरोड़कर पानी निकालने की कोशिश न करें। इसके बजाय हल्के हाथों से दबाएं और साफ तौलिये की मदद से अतिरिक्त नमी सोख लें। फिर स्वेटर को साफ, सूखी सतह पर सपाट बिछाकर प्राकृतिक हवा में सुखाएं। गीले स्वेटर को हैंगर पर टांगने से उसका वजन नीचे की ओर खिंच सकता है और आकार बिगड़ सकता है। तेज धूप या अत्यधिक गर्मी से भी बचना चाहिए।
स्वेटर की मुलायमियत बनाए रखने के आसान टिप्स
हर बार पहनने के बाद स्वेटर धोना जरूरी नहीं है। अगर कपड़ा साफ है, तो उसे कुछ समय हवा लगने दें। दाग लगने पर पूरी सतह को रगड़ने के बजाय प्रभावित हिस्से को सावधानी से साफ करें। ब्लीच और तेज केमिकल वाले डिटर्जेंट से बचें। अलमारी में रखने से पहले कपड़ों को पूरी तरह सुखा लें और उन्हें हैंगर पर टांगने के बजाय मोड़कर रखें।
सिकुड़ गए स्वेटर को कैसे संभालें?
अगर स्वेटर गलती से सिकुड़ गया है, तो उसे जोर से खींचकर पहले जैसा बनाने की कोशिश न करें। कुछ मामलों में ऊनी कपड़ों के लिए उपयुक्त उत्पाद के साथ हल्की धुलाई और सावधानीपूर्वक आकार देने से मदद मिल सकती है, लेकिन परिणाम की गारंटी नहीं होती। यदि ऊन के रेशे आपस में उलझकर सिकुड़ गए हैं, तो कपड़े को पूरी तरह पहले जैसा करना मुश्किल हो सकता है।
ऊनी कपड़ों की सही देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी है सही धुलाई, उचित तापमान और सावधानीपूर्वक सुखाना। केयर लेबल के निर्देशों का पालन करके अपने पसंदीदा स्वेटर और जैकेट को कई सर्दियों तक बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।