जशपुर पुलिस की कार्रवाई: लोन दिलाने के नाम पर 1.93 लाख रुपये की ठगी, भिलाई से आरोपी गिरफ्तार

जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में 10 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर 1 लाख 93 हजार रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को भिलाई से गिरफ्तार किया है। आरोपी चंद्रमणि देवदास पर फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर सुरक्षा राशि लेने का आरोप है। पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

Oct 27, 2026 - 15:14
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जशपुर पुलिस की कार्रवाई: लोन दिलाने के नाम पर 1.93 लाख रुपये की ठगी, भिलाई से आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर l लोन दिलाने के नाम पर 1 लाख 93 हजार रुपये की कथित ठगी के मामले में जशपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को भिलाई से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा देने और सुरक्षा राशि के नाम पर पैसे लेने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पत्थलगांव थाना क्षेत्र के शांतिनगर, तिलडेगा निवासी गजानंद चौहान, उम्र 36 वर्ष, ने 3 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि वर्ष 2025 में उसे लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान भिलाई निवासी चंद्रमणि देवदास ने फोन कर स्वयं को सोमी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी बताया। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसके पास प्रार्थी के लोन की फाइल आई है और यदि उसे 10 लाख रुपये का लोन चाहिए, तो कंपनी में सुरक्षा निधि जमा करनी होगी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी चंद्रमणि देवदास ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर लोन दिलाने का भरोसा दिया और सुरक्षा राशि के नाम पर प्रार्थी से कुल 1,93,000 रुपये प्राप्त कर लिए। इसके बाद आरोपी और उसके साथी कथित तौर पर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 163/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

बैंक खातों की जानकारी से जांच को आगे बढ़ाया

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी के संबंधित बैंक से आवश्यक जानकारी जुटाई। जांच में आरोपी और उसके साथियों की भूमिका की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार थे और उनकी तलाश लगातार की जा रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी चंद्रमणि देवदास के भिलाई में मौजूद होने की सूचना मिली।

सूचना के आधार पर पत्थलगांव पुलिस की एक टीम भिलाई भेजी गई। टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए लाया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग करके प्राप्त की गई राशि को अपने घरेलू उपयोग में खर्च किया था। पुलिस इस मामले में संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

26 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा

पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध अपराध में संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर 26 अक्टूबर 2026 को चंद्रमणि देवदास, उम्र 33 वर्ष, निवासी भिलाई-3, जिला दुर्ग, को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। जशपुर पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार, प्रधान आरक्षक चंद्रविजय पैंकरा और आरक्षक देवसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की अपील: लोन दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या कथित फाइनेंस कंपनी को सुरक्षा राशि देने से पहले उसकी विश्वसनीयता और आधिकारिक जानकारी की जांच करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दें।