महासमुंद: भुरकोनी में आदिवासी महिला से मारपीट का आरोप, न्याय की मांग को लेकर SP कार्यालय पहुंचीं महिलाएं

महासमुंद जिले के ग्राम भुरकोनी में सार्वजनिक बैठक के दौरान आदिवासी महिला यशोदा भोई के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता ने लखन सिन्हा पर बाल और साड़ी खींचने तथा जमीन पर घसीटने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर महिलाएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।

Oct 27, 2026 - 15:09
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महासमुंद: भुरकोनी में आदिवासी महिला से मारपीट का आरोप, न्याय की मांग को लेकर SP कार्यालय पहुंचीं महिलाएं

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद। जिले के ग्राम भुरकोनी में सार्वजनिक बैठक के दौरान एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़िता यशोदा भोई ने लखन सिन्हा पर बाल पकड़कर खींचने, साड़ी खींचने और जमीन पर घसीटने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में नाराजगी का माहौल है। मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं महासमुंद स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा।

पीड़िता के अनुसार, 25 अक्टूबर को ग्राम भुरकोनी के दुर्गा चौक में सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई थी। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। आरोप है कि उनके बाल और साड़ी पकड़कर खींचा गया तथा जमीन पर घसीटा गया। पीड़िता ने जातिसूचक गाली-गलौज किए जाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना का विरोध करने वाले कुछ ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

आदिवासियों के साथ व्यवहार पर सरपंच ने जताई नाराजगी

ग्राम पंचायत भुरकोनी की सरपंच सरिता राज सिंह दीवान ने घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में आदिवासी समाज के लोगों के प्रति ऐसा रवैया अपनाया जाता है और उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता। सरपंच ने यह भी दावा किया कि इससे पहले लखन सिन्हा के बेटे द्वारा उन्हें गला काटकर फेंक देने की धमकी दी गई थी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ये आरोप संबंधित पक्षों की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

300 से अधिक ग्रामीणों के चौकी पहुंचने का दावा

ग्रामीणों के अनुसार, घटना के विरोध में लगभग 300 से अधिक लोग पुलिस चौकी बुंदेली पहुंचे थे और वहां मामले की जानकारी देकर शिकायत की थी। इसके बाद सोमवार को पीड़िता सहित अन्य महिलाएं महासमुंद स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की गई।

शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं और यदि घटना से संबंधित वीडियो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो उनकी जांच की जाए। ग्रामीणों ने पीड़िता और शिकायत करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सके।

एएसपी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज प्रकरण, लागू धाराओं या अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आदिवासी समाज की महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।