पश्चिम बंगाल में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की मुठभेड़ में मौत, पुलिस ने बताई ये वजह
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी प्रह्लाद दास की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने और पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। गायघाटा क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी से जुड़े इस मामले के आरोपी प्रह्लाद दास की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और भागने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली भी चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर को किशोरी के लापता होने की सूचना सामने आई थी। अगले दिन यानी 25 अक्टूबर को उसका शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और प्रह्लाद दास को गिरफ्तार किया। किशोरी की मौत के मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस घटनास्थल पर जांच से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने पहुंची थी। इसी दौरान कथित रूप से हथियार छीनने और भागने की घटना हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की ओर से गोली चलाए जाने के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले को लेकर पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था और उसने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक जांच तथा दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकती है।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय पंचायत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। खबरों के अनुसार, पंचायत के एक प्रतिनिधि ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को कानून पर भरोसा था और वे मामले में कड़ी सजा चाहते थे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के प्रति आभार भी जताया।
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने भी इस घटना पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और कानून तोड़ने वालों को परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उनका बयान आरोपी की मौत के बाद सामने आया है। इस मामले में स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर अपराधों की जांच में साक्ष्य जुटाना, घटनाक्रम की पुष्टि करना और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में पुलिस की ओर से मुठभेड़ की जो वजह बताई गई है, उसकी पुष्टि जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए। घटना से जुड़े आगे के विवरण और जांच की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।