चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा: आंध्र प्रदेश-ओडिशा में भारी बारिश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में भी मौसम प्रभावित हो सकता है। तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर कई राज्यों में मौसम संबंधी सतर्कता बढ़ा दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश तथा तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवात 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के आसपास बापटला से विशाखापत्तनम के बीच पहुंच सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि, चक्रवात की वास्तविक स्थिति, दिशा और प्रभाव के लिए मौसम विभाग की ताजा आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात का प्रभाव अधिक रहने की आशंका जताई गई है। राज्य के 16 जिलों में अलर्ट जारी होने की जानकारी दी गई है। विशाखापत्तनम में ऑरेंज अलर्ट के बीच बारिश शुरू होने की बात कही गई है। श्रीकाकुलम, विजयनगरम और अनकापल्ली सहित कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। तटीय जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले तटीय क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। जानकारी के अनुसार, मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं को जरूरत के अनुसार अस्पतालों में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भी चक्रवात के असर से दक्षिणी जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पुरी में बारिश के कारण जलभराव होने की जानकारी है, जबकि खुर्दा में भी वर्षा दर्ज किए जाने की बात कही गई है। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों में नावों का संचालन अस्थायी रूप से रोकने और स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई है। गंजम, गजपति, कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और कोरापुट सहित कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।
चक्रवात के प्रभाव को लेकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी सतर्कता की जरूरत बताई गई है। उपलब्ध विवरण में पूर्वी छत्तीसगढ़ के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट तथा बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख है। इसके अलावा कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी होने की जानकारी दी गई है। अलर्ट की श्रेणी और प्रभावित जिलों में बदलाव संभव है, इसलिए नागरिकों को मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए।
प्रशासन की ओर से नागरिकों को नदी-नालों, जलप्रवाह वाले क्षेत्रों और पुल-पुलियों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं, बिजली कड़कने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपुष्ट खबरों या अफवाहों पर भरोसा न करें।