चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: धमतरी में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका, गंगरेल बांध से छोड़ा जा सकता है अतिरिक्त पानी

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से धमतरी जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर और संभावित जल आवक को देखते हुए गंगरेल बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। प्रशासन ने नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

Oct 27, 2026 - 12:37
 0  2
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: धमतरी में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका, गंगरेल बांध से छोड़ा जा सकता है अतिरिक्त पानी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आगामी दिनों में धमतरी जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। संभावित बारिश और जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में रविशंकर सागर बांध यानी गंगरेल बांध से किसी भी समय अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए नागरिकों से सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

27 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का वर्तमान जलस्तर 345.03 मीटर दर्ज किया गया। बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 348.70 मीटर निर्धारित है। यहां पानी की वर्तमान आवक 5,904 क्यूसेक है, जबकि जीवित जलभराव क्षमता का उपयोग 59.53 प्रतिशत बताया गया है। संभावित वर्षा के कारण जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बढ़ने पर बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने की स्थिति बन सकती है।

इसी प्रकार, दुधावा बांध का वर्तमान जलस्तर 424.03 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 425.12 मीटर है। यहां पानी की आवक 209 क्यूसेक और जलभराव क्षमता 84.21 प्रतिशत बताई गई है। मुरूमसिल्ली बांध की जीवित जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, सौंदूर बांध का वर्तमान जलस्तर 469.71 मीटर है। इसका पूर्ण जलाशय स्तर 471.065 मीटर निर्धारित है। सौंदूर बांध में पानी की आवक 20 क्यूसेक और जलभराव क्षमता 82.73 प्रतिशत दर्ज की गई है।

जलाशयों की स्थिति और संभावित वर्षा को देखते हुए नागरिकों से नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। बच्चों और युवाओं को नदी-नालों में नहाने, मछली पकड़ने या तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वहां से आवागमन नहीं करना चाहिए। पानी का बहाव कम दिखाई देने पर भी जोखिम लेकर उसे पार करने से बचना जरूरी है।

निचले और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। परिवारों को बच्चों, वृद्धजनों और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बिजली के खंभों, पेड़ों और जर्जर भवनों से दूरी बनाए रखने की अपील भी की गई है।

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से जलाशयों के जलस्तर और मौसम से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने तथा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या संबंधित आपदा प्रबंधन दल को तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई है। नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सावधानी बरतने की अपील की गई है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।