हाई स्कूल सांकरा चिवर्री में नशा मुक्ति अभियान: विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
हाई स्कूल सांकरा चिवर्री में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और सभी ने नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ ली। शिक्षकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने और स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण के उद्देश्य से हाई स्कूल सांकरा चिवर्री में शनिवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय में आयोजित जागरूकता सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके बाद नशा मुक्ति विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य एस. के. ओबेरॉय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचाकर सही दिशा देना समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नशीले पदार्थों का सेवन करने से शरीर अनेक गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। इससे मानसिक संतुलन प्रभावित होता है, पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ता है और व्यक्ति का भविष्य भी संकट में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में शिक्षिका रितु पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहेगा तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
जागरूकता कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षिका संगीता कमलवंशी ने नशा मुक्ति पर आधारित प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और गीत की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने नशे से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे। विद्यार्थियों ने जानना चाहा कि नशे की लत कैसे लगती है, इससे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं। प्राचार्य सुरेंदर कौर ओबेरॉय ने विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों का सरल उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया। उन्होंने बताया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति की आदत बन जाता है और इसके कारण शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा हो तो उसे उपेक्षित करने के बजाय सही सलाह और उपचार के लिए प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का केंद्र नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और उन्हें समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प दोहराया। शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी स्वयं नशे से दूर रहकर अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाएंगे। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सुरेंदर कौर ओबेरॉय, रितु पटेल, संगीता कमलवंशी, वर्षा रंगारी, हरिराम मरकाम, वैभव जाधव सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी के स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।