पाटन में जिला स्तरीय तिलहन मेले का आयोजन, सांसद विजय बघेल बोले- किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़

पाटन के खूबचंद बघेल सभागार, अटारी में कृषि विभाग द्वारा जिला स्तरीय तिलहन मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बताया। मेले में कृषि विशेषज्ञों ने तिलहन फसलों में कीट एवं रोगों की पहचान, उपचार और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान किसानों को सरसों के बीज किट भी वितरित किए गए।

Nov 5, 2026 - 08:02
 0  1
पाटन में जिला स्तरीय तिलहन मेले का आयोजन, सांसद विजय बघेल बोले- किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा खूबचंद बघेल सभागार, अटारी पाटन में जिला स्तरीय तिलहन मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं और उनके परिश्रम से ही देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती मिलती है। मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने तिलहन फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट एवं रोगों की पहचान, उनके प्रभावी उपचार और फसल प्रबंधन के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों के उपयोग और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक तरीकों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर कीट एवं रोगों की पहचान और उचित प्रबंधन से फसल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा और भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहे हैं। इन योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र और देश की अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का युग है। खेती-किसानी में आधुनिक उपकरणों, उन्नत कृषि पद्धतियों और नई तकनीकों का उपयोग करके किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। आधुनिक तकनीक के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करना संभव है। किसानों को समय के साथ खेती के तरीकों में बदलाव करते हुए नई तकनीकों को अपनाना चाहिए, ताकि कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

सांसद बघेल ने हाल ही में प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने किसानों से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सरकार किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग से बचने और जैविक खाद को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक खाद के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में जैविक खाद और संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाकर भूमि की उर्वरता बनाए रखना जरूरी है। इससे खेती की गुणवत्ता बेहतर होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपजाऊ जमीन सुरक्षित रखी जा सकेगी।

तिलहन मेले के दौरान किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरसों के बीज किट का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य नीलम राजेश चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, उपाध्यक्ष कमलेश वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले, उपाध्यक्ष निशा सोनी, केवल देवांगन, प्रकाश बिजौरा, सहायक संचालक सुमन कोर्राम, राजा पाठक, रूप सिंह सिन्हा, वीरेंद्र साहू, डेहरलाल, मुकेश मढ़रिया, मानधाता वर्मा, मनीष साहू, हरीश वर्मा, शीतल साहू, नागेश कश्यप, सुनील वर्मा, रूपेंद्र साहू, छगन साहू, ममता वर्मा, योगेश वर्मा, झरना चंद्राकर और सतीश वर्मा सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन परमेश साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वरिष्ठ कृषि अधिकारी पुष्पा राम टेके ने किया। जिला स्तरीय तिलहन मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल सुरक्षा और तिलहन उत्पादन के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।