महासमुंद के ढोढरकसा हाईस्कूल मामले में BEO कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, DEO ने जारी किया नोटिस

महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड स्थित ढोढरकसा हाईस्कूल में प्रभारी प्राचार्य हेमंत कुमार नायक की लंबे समय से अनुपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा 10 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार नायक 1 जुलाई 2023 से बिना स्वीकृति के अवैतनिक अवकाश के आवेदन पर अनुपस्थित हैं और उन्होंने दूसरे व्याख्याता को प्रभार सौंपा था। मामले में तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। पालकों और शिक्षा समिति ने BEO कार्यालय की भूमिका की भी जांच की मांग की है।

Sep 22, 2026 - 15:31
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महासमुंद के ढोढरकसा हाईस्कूल मामले में BEO कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, DEO ने जारी किया नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l पिथौरा विकासखंड के ढोढरकसा हाईस्कूल में प्रभारी प्राचार्य की लंबे समय से अनुपस्थिति का मामला अब शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद ने प्रभारी प्राचार्य हेमंत कुमार नायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं पालकों, क्षेत्रवासियों और शिक्षा समिति की ओर से पिथौरा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि BEO कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश क्रमांक 5203, दिनांक 10 सितंबर 2026 के अनुसार हेमंत कुमार नायक, व्याख्याता एलबी, शासकीय हाईस्कूल ढोढरकसा में प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ रहे हैं। आदेश में उल्लेख है कि वे 1 जुलाई 2023 से बिना स्वीकृति के अवैतनिक अवकाश के आवेदन पर अनुपस्थित हैं। साथ ही, उनके द्वारा दूसरे व्याख्याता को विद्यालय का प्रभार सौंपे जाने का भी उल्लेख किया गया है।

शिकायत और विभागीय दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप सामने आया है कि नायक ने स्वयं हस्ताक्षरित आवेदन के माध्यम से अवकाश पर जाने की प्रक्रिया अपनाई और दूसरे शिक्षक को प्रभार सौंप दिया। पालकों और शिक्षा समिति का कहना है कि लंबे समय तक उनकी अनुपस्थिति के कारण विद्यालय में नियमित शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई। विशेष रूप से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों की पढ़ाई को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई।

मामले को लेकर पालकों और शिक्षा समिति द्वारा पिथौरा BEO कार्यालय में लगातार शिकायत किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद लंबे समय तक संबंधित शिक्षक के खिलाफ कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। इसी बिंदु को लेकर अब BEO कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यह भी जांच की जाए कि संबंधित अधिकारी स्तर पर समय रहते क्या कार्रवाई की गई थी।

बताया गया है कि विद्यालय की स्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा तालाबंदी भी की गई थी और मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में संबंधित शिक्षक को तीन दिन के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रतिवेदन भेजे जाने की बात कही गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार व्हाट्सऐप के माध्यम से जवाब नहीं मिलने के बाद विभागीय निर्देश के तहत दो शिक्षकों द्वारा सरायपाली स्थित संबंधित शिक्षक के आवास पर नोटिस चस्पा किए जाने की बात भी सामने आई है। नोटिस की प्रतिलिपि संचालक लोक शिक्षण रायपुर, कलेक्टर महासमुंद और संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर को भेजे जाने का उल्लेख दस्तावेजों में है।

अब मामले में विभागीय जवाब और आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लंबे समय तक अनुपस्थिति, अवकाश आवेदन और प्रभार सौंपने की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं। वहीं पालकों और शिक्षा समिति ने BEO कार्यालय की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है, ताकि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने के कारणों और जिम्मेदारी का तथ्यात्मक रूप से निर्धारण किया जा सके।