तिल्दा से लगी बहेशर पंचायत में 3 एकड़ जमीन पर कथित अवैध प्लॉटिंग का आरोप, जांच की मांग

तिल्दा-नेवरा से लगी ग्राम पंचायत बहेशर में खसरा नंबर 83 की करीब 3 एकड़ भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर जमीन बेचने का मामला सामने आया है। पूर्व भाजपा युवा मोर्चा ग्रामीण अध्यक्ष बंशी यादव ने एसडीओ के समक्ष शिकायत देकर भूमि रिकॉर्ड, दस्तावेज और प्लॉटिंग की अनुमति की जांच कराने की मांग की है। शिकायत 22 सितंबर 2026 को संबंधित कार्यालय में प्राप्त हुई है।

Sep 22, 2026 - 15:12
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तिल्दा से लगी बहेशर पंचायत में 3 एकड़ जमीन पर कथित अवैध प्लॉटिंग का आरोप, जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा। तिल्दा-नेवरा से लगी ग्राम पंचायत बहेशर में करीब 3 एकड़ जमीन पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर भूखंड बेचने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बहेशर स्थित खसरा नंबर 83 की भूमि को लेकर पूर्व भाजपा युवा मोर्चा ग्रामीण अध्यक्ष बंशी यादव ने अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में संबंधित भूमि की जांच कराने के साथ ही कथित अवैध प्लॉटिंग और जमीन बिक्री पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत बहेशर में खसरा नंबर 83 का कुल रकबा लगभग 3 एकड़ है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इस भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर प्लॉटिंग की जा रही है। इसके बाद इन भूखंडों को बेचने का प्रयास किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। बंशी यादव का आरोप है कि संबंधित भूमि पर प्लॉटिंग का काम आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के बिना किया जा रहा है।

बंशी यादव ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 83 की भूमि से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाए। इसके साथ ही मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने तथा वहां किए जा रहे प्लॉट विभाजन और बिक्री से संबंधित अनुमतियों की जानकारी लेने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यदि कथित अवैध प्लॉटिंग पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में जमीन खरीदने वाले लोगों के सामने विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान और भूमि संबंधी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ने की आशंका जताई गई है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से मामले की जल्द जांच कराने की मांग की है।

मामले में अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि खसरा नंबर 83 की भूमि का वास्तविक स्वरूप क्या है और वहां प्लॉटिंग के लिए संबंधित नियमों के तहत आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं। राजस्व रिकॉर्ड, दस्तावेजों और मौके की स्थिति के परीक्षण के आधार पर ही कथित अनियमितता की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

बताया गया है कि बंशी यादव की शिकायत 22 सितंबर 2026 को संबंधित अनुविभागीय कार्यालय में प्राप्त हुई है। शिकायत के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही भूमि पर चल रही गतिविधियों और कथित प्लॉट बिक्री को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।