धमतरी: तुमड़ीबहार में महिलाओं को दिया गया शहद प्रसंस्करण का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के नए अवसरों पर जोर

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम तुमड़ीबहार में महिलाओं को शहद प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मशीनों के संचालन, रखरखाव, शहद की सफाई, छानने, स्थिरीकरण और पैकेजिंग की जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के उपयोग से महिलाओं को स्वरोजगार, आय वृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ना है।

Oct 24, 2026 - 18:29
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धमतरी: तुमड़ीबहार में महिलाओं को दिया गया शहद प्रसंस्करण का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के नए अवसरों पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले के वनांचल क्षेत्र में महिलाओं को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम तुमड़ीबहार, विकासखंड नगरी में शहद प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में महिलाओं को शहद की गुणवत्ता बनाए रखने, सुरक्षित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अमित सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को शहद प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के संचालन, रखरखाव और सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई। महिलाओं को शहद गर्म करने, छानने, स्थिरीकरण और पैकेजिंग से संबंधित इकाइयों के संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही फिल्टर को जोड़ने, उसके सही तरीके से उपयोग और सफाई की प्रक्रिया भी समझाई गई। इस प्रशिक्षण से महिलाओं को शहद को स्वच्छ और व्यवस्थित तरीके से प्रसंस्कृत करने की तकनीकी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे पहले 17 सितंबर 2026 को भी इसी तरह का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।

डॉ. अमित सिन्हा के अनुसार, शहद प्रसंस्करण का कौशल ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का उपयोगी माध्यम बन सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध शहद का उचित प्रसंस्करण करने, आकर्षक पैकेजिंग तैयार करने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद बेचने से बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामूहिक रूप से इस गतिविधि को अपनाकर स्थानीय बाजारों, दुकानों, मेलों और अन्य संभावित विक्रय माध्यमों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकती हैं। इससे स्वरोजगार के अवसर विकसित होने के साथ परिवार की आय बढ़ाने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और महिलाओं को व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण महिलाओं को स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराते हैं और स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने में मदद करते हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारी का उपयोग अपनी आजीविका गतिविधियों में करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

शहद प्रसंस्करण प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास की दिशा में एक उपयोगी पहल है। इसके माध्यम से महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को उत्पाद के रूप में विकसित करने, गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार तक पहुंच बनाने की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। यदि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए इस गतिविधि को आगे बढ़ाती हैं, तो इससे गांवों में रोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

इस तरह की पहल का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी क्षमता पहचानने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना भी है। तुमड़ीबहार में आयोजित प्रशिक्षण स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।